बिना एंट्री फीस कबड्डी का महासंग्राम! घाघरला में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, सिंधखेड़ा MP-68 बनी चैंपियन
बिना एंट्री फीस कबड्डी का महासंग्राम! घाघरला में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, सिंधखेड़ा MP-68 बनी चैंपियन।
मां पोहरा देवी वूमेन एंड चिल्ड्रन वेल्फेयर सोसायटी की शानदार पहल, महाराष्ट्र सहित विभिन्न क्षेत्रों की टीमों ने लिया हिस्सा; विजेता टीमों को किया पुरस्कृत।
बुरहानपुर, नवरात्र के पावन अवसर पर बुरहानपुर जिले के ग्राम घाघरला में मां पोहरा देवी वूमेन एंड चिल्ड्रन वेल्फेयर सोसायटी के तत्वावधान में दो दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। बिना किसी एंट्री फीस के आयोजित इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने पूरे जोश, जुनून और दमखम के साथ अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रोमांचक मुकाबलों के बीच खिलाड़ियों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। प्रतियोगिता के समापन पर विजेता टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता में सिंधखेड़ा MP-68 की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल कर खिताब अपने नाम किया। वहीं संत सेवालाल बंजारा टाइगर की टीम दूसरे स्थान पर रही, जबकि महाराष्ट्र के खड़की की टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान खेल भावना और आपसी भाईचारे का माहौल देखने को मिला।
ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देना हमारा उद्देश्य : सोनू पवार
समिति के अध्यक्ष सोनू पवार ने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य खेलों को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को उचित मंच उपलब्ध कराना है। गांवों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्हें अवसर मिलने पर वे उच्च स्तर तक पहुंच सकते हैं। कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित कर इन प्रतिभाओं को दुनिया के सामने लाना ही समिति का लक्ष्य है।
गांव की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है : राहुल राठौड़
समिति के उपाध्यक्ष राहुल राठौड़ ने कहा कि कबड्डी ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है। संस्था का प्रयास है कि गांवों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले और वे खेल के माध्यम से आगे बढ़कर उच्च स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करें।
खिलाड़ियों ने की समिति की सराहना
प्रथम पुरस्कार जीतने वाली टीम के कप्तान अक्षय ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी टीम को पहला पुरस्कार मिला है, जिससे सभी खिलाड़ी बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि हर बार की तरह इस बार भी प्रतियोगिता का समापन शानदार रहा और किसी प्रकार का विवाद या झगड़ा नहीं हुआ।
वहीं महाराष्ट्र से आए सोनू गौतम ने बताया कि उनकी टीम ने दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने समिति के बेहतर सहयोग और निष्पक्ष निर्णय प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने आयोजन को खिलाड़ियों के लिए अच्छा मंच बताया।
ग्रामीणों की मौजूदगी में हुआ समापन
प्रतियोगिता के दौरान समिति के अध्यक्ष सोनू पवार, उपाध्यक्ष राहुल राठौड़, सचिव राजू सूरसिंह राठौड़, सह सचिव इंदल सिंह राठौड़, सुरेश राठौड़, विकास पवार, पवन राठौड़, शिवा राठौड़, कन्हैया चौहान, अजय राठौड़, सुजल राठौड़, सुदामा चौहान, निलेश राठौड़, रोहित राठौड़, रोहित मांडवे, राज चौहान, अनिल राठौड़, लक्कीसिंह राठौड़ सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। ग्राम सरपंच रतन पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी प्रतियोगिता में सहभागिता की।
इस आयोजन ने साबित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बल्कि उन्हें सही अवसर और प्रोत्साहन देने की जरूरत है। बिना एंट्री फीस के आयोजित इस प्रतियोगिता के माध्यम से समिति ने खेल भावना, सामाजिक एकता और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में सराहनीय पहल की।
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