प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
भोपाल के सिंधु भवन में आयोजन, इंदौर संभाग से ईश्वर झामनानी एवं बलराज नावानी ने की शिरकत
सिंधी समाज के अधिकार, जातीय जनगणना, सरकारी योजनाओं और युवा-महिला भागीदारी पर हुआ मंथन
बुरहानपुर। सिंधु भवन, भोपाल में रविवार को आयोजित प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव शामिल हुए। सम्मेलन में सिंधी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक एवं अधिकार संबंधी विषयों पर व्यापक चर्चा और मंथन हुआ। सांसद शंकर लालवानी, विधायकद्वय भगवानदास सबनानी, अशोक रोहाणी, कार्यक्रम संयोजक ईश्वर झामनानी, भाजपा नेता बलराज नावानी, गुलाब ठाकुर सहित प्रदेशभर से आए सिंधी समाज के प्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं समाजजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सम्मेलन में स्वतंत्रता के 80 वर्ष पश्चात भी समाज के आवश्यक अधिकारों से जुड़े लंबित विषयों के शीघ्र निराकरण पर विशेष रूप से चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने समाज की आवश्यक मांगों एवं अधिकारों के समाधान तथा समाजहित के विषयों को शासन-प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने पर अपने विचार रखे। आगामी जातीय जनगणना को लेकर भी जागरूकता एवं मंथन सत्र आयोजित किया गया। इसमें जनगणना के महत्व, समाज की सही एवं व्यवस्थित जानकारी उपलब्ध कराने, प्रत्येक परिवार तक जागरूकता पहुंचाने तथा व्यापक जनजागरण अभियान के माध्यम से समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सम्मेलन में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के सभी पात्र वर्गों तक पहुंचाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, वरिष्ठजनों एवं जरूरतमंद परिवारों को पात्रतानुसार योजनाओं का लाभ दिलाने तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही समाज की प्रगति में युवाओं एवं महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सेवा गतिविधियों में उन्हें अधिक अवसर देने तथा नेतृत्व की जिम्मेदारी में आगे लाने पर विचार-विमर्श किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि सिंधी समाज की भावनाओं और पूर्व में की गई घोषणा के अनुरूप मध्यप्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पाठ्यक्रम में शहीद हेमू कालानी, संत कंवरराम एवं राजा दाहिरसेन से संबंधित विषयों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सिंधी समाज के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति एवं महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंधी समाज ने देश के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। समाज की मेहनत, उद्यमिता, सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि सिंधु सभ्यता से लेकर समकालीन सिंधी संस्कृति तक की गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इसी दिशा में इंदौर में 16 सितंबर 2026 को मध्यप्रदेश के “सिंधु कला केंद्र” का भूमि पूजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कला केंद्र में सिंधु सभ्यता की गौरवशाली एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ आधुनिक समय तक सिंधी समाज की परंपराओं और संस्कृति को दर्शाया जाएगा। यह केंद्र सिंधी संस्कृति, कला, इतिहास और विरासत को सहेजने तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। मुख्यमंत्री ने भोपाल के प्रदेश स्तरीय सिंधी सम्मेलन में उपस्थित विभिन्न जिलों एवं नगरों से आए पंचायतों के गणमान्य समाजजनों को सिंधु कला केंद्र के भूमि पूजन कार्यक्रम में आमंत्रित करते हुए कहा कि आइए, अपनी गौरवशाली विरासत के इस नए अध्याय के साक्षी बनें और समाज, सरकार तथा हम सभी मिलकर इसे भव्य एवं दिव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए सक्रियता और तत्परता से आगे बढ़ें।
भाजपा नेता बलराज नावानी ने कहा कि प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन समाज के लिए विचार, संवाद और संगठन की दिशा में महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। सम्मेलन में समाज के अधिकारों, आगामी जातीय जनगणना, सरकारी योजनाओं तथा युवाओं एवं महिलाओं की सक्रिय भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा सिंधी समाज के इतिहास एवं महापुरुषों को पाठ्यक्रम में स्थान देने का निर्णय समाज के लिए गौरव का विषय है। इससे आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों के योगदान को समझने का अवसर मिलेगा। सम्मेलन में सिंधु भवन ट्रस्ट अध्यक्ष राजेन्द्र मनवानी, अशोक मनवानी, कविता इसरानी, संजय तीर्थवानी, कमल माखीजानी, अनिल चुघ, कंचन गिदवानी सहित प्रदेशभर के सामाजिक कार्यकर्ता एवं पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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