सिंहस्थ-2028 प्रशिक्षण के अंतर्गत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिया प्रशिक्षण
पुलिस कंट्रोल रूम बुरहानपुर में होल्डिंग एरिया, सैटेलाइट टाउन, सॉफ्ट स्किल, खोया-पाया एवं क्विक रिस्पॉन्स अरेंजमेंट सहित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण
आगामी सिंहस्थ-2028 को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से आज पुलिस कंट्रोल रूम में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान सिंहस्थ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ के प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में विशेष रूप से होल्डिंग एरिया एवं सैटेलाइट टाउन की व्यवस्था, मेला क्षेत्र में सैटेलाइट टाउन के क्षेत्र निर्धारण, सॉफ्ट स्किल, खोया-पाया व्यवस्था, मेडिटेशन एवं क्विक रिस्पॉन्स अरेंजमेंट जैसे विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
होल्डिंग एरिया की व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित तरीके से रोकने और आगे भेजने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई।
सैटेलाइट टाउन की अवधारणा, आवश्यकता एवं व्यवस्थाओं के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
मेला क्षेत्र में सैटेलाइट टाउन के संभावित क्षेत्र एवं वहां उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं पर चर्चा की गई।
श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, पेयजल, शौचालय, चिकित्सा, प्रकाश व्यवस्था एवं सूचना केंद्र जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी दी गई।
भीड़ प्रबंधन एवं क्राउड कंट्रोल के दौरान पुलिस की भूमिका एवं आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया गया।
श्रद्धालुओं से बेहतर एवं संवेदनशील व्यवहार के लिए सॉफ्ट स्किल एवं कम्युनिकेशन स्किल का प्रशिक्षण दिया गया।
खोया-पाया केंद्र की कार्यप्रणाली तथा बिछड़े हुए बच्चों, बुजुर्गों एवं अन्य श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया समझाई गई।
आपात स्थिति में क्विक रिस्पॉन्स अरेंजमेंट एवं त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने की कार्यप्रणाली पर प्रशिक्षण दिया गया।
भीड़ में किसी प्रकार की अफवाह, भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति में त्वरित सूचना एवं समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
सीसीटीवी एवं कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग के माध्यम से संवेदनशील क्षेत्रों पर सतत निगरानी रखने की प्रक्रिया पर चर्चा की गई।
यातायात के सुचारु संचालन, डायवर्जन प्लान एवं पार्किंग व्यवस्था को लेकर आवश्यक जानकारी दी गई।
आपदा अथवा आकस्मिक परिस्थितियों में पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता बताई गई।
पुलिस बल को तनावपूर्ण परिस्थितियों में संयम एवं धैर्य बनाए रखने के लिए मेडिटेशन एवं मानसिक एकाग्रता के महत्व से अवगत कराया गया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सहयोगात्मक एवं संवेदनशील पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सिंहस्थ के दौरान संभावित परिस्थितियों का पूर्वानुमान लगाकर पूर्व तैयारी एवं बेहतर रिस्पॉन्स प्लान तैयार करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
सिंहस्थ-2028 जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए पुलिस द्वारा अभी से प्रशिक्षण एवं तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है, ताकि आयोजन के दौरान सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन एवं श्रद्धालुओं की सुविधा से संबंधित व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा सकें।
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