मानव कल्याण के लिए मिशन व्यवस्था परिवर्तन यात्रा पहुंची बुरहानपुर ।
मानव कल्याण के लिए मिशन व्यवस्था परिवर्तन यात्रा पहुंची बुरहानपुर ।
बुरहानपुर इंद्रकालोनी स्थित बुद्ध धम्मॉउदय विहार मे मिशन व्यवस्था परिवर्तन यात्रा मध्यप्रदेश के 52 जिलों का भ्रमण करते हुए दत्तू मेढ़े के निवेदन पर बुरहानपुर पहुंची जिसमें समाज जनो ने भारी बारिश में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया,मेढ़े ने जानकारी देते हुये कहा की कई मान्यता प्राप्त डॉ पुष्पेन्द्र बहुजन, डॉ प्रीति बहुजन जो पेशे से दोनों डॉक्टर है और समाज हित में मोहमाया को छोड़ उन्होंने संकल्प लिया है कि हम जब तक जीवित है तब तक मानव कल्याण एवं समाज को जागरूक करने हेतु, घर वापस नही जाएंगे नहीं संतान पैदा करेंगे अपना पूरा जीवन समाज को अर्पण करते हैं ऐसे समर्पित समाज सुधारो को बुरहानपुर की ऐतिहासिक धरती पर बहुजनों को संदेश देने हेतु आमंत्रित किया गया था, उनके आने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम मे बुद्ध वंदना के बाद डॉ पुष्पेन्द्र बहुजन और डॉ प्रीति बहुजन और उनके साथियों का भी समाज द्वारा जोरदार स्वागत भी किया गया,समाज कल्याण हेतु विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई जिसमें डॉ प्रीति बहुजन ने अपनी बात कहते हुये कहा की मनुष्य का पहला घर माँ का गर्भ होता है, पहला आहार भी माँ ने दिया है और वह आहार माँ का दूध होता है, फिर महिला को आजादी के 58 वर्ष होगये है फिर भी महिलाओ को बराबरी का दर्जा नहीं दिया जाता है, अपने पती के नाम से ही जाने जाती है, और पैर की उंगली से लेकर मांग और बालो तक पहनावा पति के नाम से पहना जाता है, जिससे पुरुषों को आसानी से पता चलता है कि यह शादीशुदा,कुंवारी या विधवा है परंतु क्या आज तक पुरुष का पता लगाया जा सकता है कि शादीशुदा है या कुंवारा या तलाकशुदा फिर सोचने जैसी बात है कि पत्नी ही क्यों चिन्हित हो या सारी व्यवस्था महिलाओं पर ही लागू हो, कुल मिलाकर महिलाओ को सम्मान और समानता मिलती रहे, इसकी सुरुवात अपने परिवार या घर से होनी चाहिए, इसी दरमियान डॉ पुष्पेन्द्र बहुजन ने कहा स्वाभिमान से जीना चाहिए और शिक्षा,नौकरी,व्यापार पर जोर देना होगा, समाज का नेतृत्व करने के लिए मनुष्य को पैसा और परिवार छोड़ना होगा और शिलो का पालन करना होगा, तब जाकर मानव कल्याण हो सकता है... इस दरमियान भीम आर्मी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दत्तू मेढ़े ने कहा कि सर्वप्रथम हमें अपने घरों के स्वच्छता के साथ नशा मुक्त होना चाहिए और शिक्षा रोजगार की प्राप्ति में लगे रहना चाहिए तब जाकर आप समाज का कल्याण कर सकते हो. समाज का कोई भी व्यक्ति के लिए सामाजिक में कार्य कर रहा है तो उसे आर्थिक रूप से मदद करते रहना चाहिए समय-समय पर, कार्यक्रम का संचालन आनंद बौद्ध ने किया और आभार अशोक गवई द्वारा किया,कार्यक्रम मे उपस्थित भंते धम्मप्रिय,आर आर सुमन,एच आर सुमन,शिवराम नागराज,राहुल अहिरवार,
एन आर गजभिये,एडवोकेट गौतम तायडे,एडवोकेट दिनेश शंखपाल,संगीता तायडे, नटराज तायडै,अशोक निकम,अशोक घेटे,भगोरे साहेब,नागराज साहब,सचिन मोरे,अरुण सोहले,हरचंद सिरतुरे, सुरेश कोसोदे,लक्ष्मण निकम,लक्ष्मण मोहाडे,दिपक मोहासे,जगदिश वानखेडे,शालिग्राम चौधरी,कोकिला गवई, आशा गवई, शोभा पोहेकर,अलका बौध्द, विजया निकम, ज्योति सोहले,ज्योती आठवले,सुमित्रा घेटे,मीनाक्षी गवई,सारिका पानपाटिल, चंद्रकांत नीले, सिद्धार्थ मेढे, रविंद्र इंगले नंदा पानपाटिल आदि उपस्थित रहे।
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