बुरहानपुर जिला चिकित्सालय बना बदलाव का मॉडल, तीन माह में 53 सुधारों से स्वास्थ्य सेवाओं में आई नई रफ्तार।
बुरहानपुर जिला चिकित्सालय बना बदलाव का मॉडल, तीन माह में 53 सुधारों से स्वास्थ्य सेवाओं में आई नई रफ्तार।
बुरहानपुर। विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) के सतत प्रयासों, नियमित मार्गदर्शन एवं प्रभावी अनुश्रवण के परिणामस्वरूप शासकीय जिला चिकित्सालय, बुरहानपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक कायाकल्प देखने को मिल रहा है।
पिछले तीन माह के दौरान अस्पताल में 53 महत्वपूर्ण सुधार कार्य, नवीन व्यवस्थाएं एवं नवाचार किए गए हैं, जिनसे मरीजों को बेहतर, सुलभ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। इन सुधारों ने जिला चिकित्सालय को आधुनिक, मरीज हितैषी एवं सुव्यवस्थित स्वास्थ्य संस्थान के रूप में नई पहचान दिलाई है।
अस्पताल में पहली बार 5 बिस्तरीय हाईटेक आईसीयू प्रारंभ किया गया है, जिससे हृदयाघात, गंभीर दुर्घटनाओं, प्रसवोत्तर जटिलताओं एवं अन्य गंभीर बीमारियों से पीडि़त मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल रहा है।
इससे इंदौर, जलगांव एवं खंडवा जैसे बड़े चिकित्सा केंद्रों में रेफरल की आवश्यकता में भी कमी आई है। वहीं, फिजियोथेरेपी विभाग का आधुनिकीकरण, आधुनिक पैथोलॉजी, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, तीन पालियों में डायलिसिस सेवा, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित ओपीडी, अस्थि एवं स्त्री रोग संबंधी जटिल शल्यक्रियाओं की सुविधा जैसी व्यवस्थाओं ने अस्पताल की चिकित्सा क्षमता को नई मजबूती प्रदान की है।
मरीजों की सुविधा को केंद्र में रखते हुए ओपीडी में हेल्प डेस्क, अनाउंसमेंट सिस्टम, अतिरिक्त पंजीयन काउंटर, व्यवस्थित प्रतीक्षालय, सोफे, वेटिंग चेयर, एयर कूलर, वॉल फैन, साइनेज बोर्ड एवं एलईडी डिस्प्ले की व्यवस्था की गई है। विधायक निधि से उपलब्ध दो कार्डियक एम्बुलेंस, पर्याप्त स्ट्रेचर एवं व्हीलचेयर, 24 घंटे संचालित आपातकालीन संपर्क नंबर तथा शिकायत निवारण व्यवस्था से मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है।
अस्पताल में स्वच्छता एवं संक्रमण नियंत्रण के लिए नियमित पेस्ट कंट्रोल, फॉगिंग, सीवर एवं जल निकासी व्यवस्था का सुधार, परिसर का सौंदर्यीकरण, व्यवस्थित पार्किंग, आरओ युक्त शुद्ध पेयजल, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, वर्षाजल संरक्षण तथा सभी वार्डों में एयर कूलर जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अस्पताल परिसर में 181 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से की जा रही है।
प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कर्मचारियों की बायोमेट्रिक एवं सार्थक एप के माध्यम से उपस्थिति, रेफर मरीजों की डिजिटल मॉनिटरिंग, रिकॉर्ड रूम की स्थापना, कार्यालयों का आधुनिकीकरण, ऑनलाइन मेडिको-लीगल एवं पोस्टमार्टम प्रकरणों की प्रविष्टियां तथा आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे नवाचार भी किए गए हैं। इन प्रयासों के चलते जिला चिकित्सालय प्रदेश के अग्रणी शासकीय अस्पतालों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज को सम्मानजनक, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है।
इसी सोच के साथ जिला चिकित्सालय में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता, विशेषज्ञ सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था पर लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य बुरहानपुर जिला चिकित्सालय को प्रदेश के आदर्श (मॉडल) जिला चिकित्सालय के रूप में स्थापित करना है, ताकि जिले के नागरिकों को बड़े शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अपने जिले में ही प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उपमुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के सतत सहयोग से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। भविष्य में भी आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, नई स्वास्थ्य सेवाओं एवं मरीज हितैषी सुविधाओं के विस्तार के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
श्रीमती चिटनिस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग एवं मार्गदर्शन से बुरहानपुर जिला चिकित्सालय को प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ एवं आदर्श जिला चिकित्सालय के रूप में विकसित करने का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकीय टीम के सामूहिक प्रयासों से आने वाले समय में बुरहानपुर जिला चिकित्सालय प्रदेश में उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का एक नया मानक स्थापित करेगा।
rashtriya news
कोई टिप्पणी नहीं