हिंगलाज माता की प्रतिमा प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुईं अर्चना चिटनिस, समाज के भवन निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण।
हिंगलाज माता की प्रतिमा प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुईं अर्चना चिटनिस, समाज के भवन निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण।
बुरहानपुर। भावसार क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित हिंगलाज माता की प्रतिमा एवं शिव परिवार तथा राधा-कृष्ण प्रतिमाओं के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुए प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान में सहभागिता कर माता हिंगलाज, भगवान शिव परिवार एवं राधा-कृष्ण का पूजन-अर्चन किया तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती चिटनिस ने भावसार समाज के निर्माणाधीन समाज भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन निर्माण की प्रगति का अवलोकन करते हुए समाज के पदाधिकारियों से चर्चा की तथा आगामी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यह भवन केवल एक संरचना नहीं, बल्कि समाज की एकता, संगठन और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त केंद्र बनेगा। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि लालबाग क्षेत्र में कोष्ठी समाज के अधूरे पड़े भवन के कार्य को पूर्ण करने हेतु विधायक विशेष निधि से 36 लाख रूपए स्वीकृत कर निर्माण कार्य प्रगतिरत है। इसी प्रकार 17 लाख रूपए की लागत से दत्त मंदिर स्थित भवन निर्माण कार्य जारी है। गांधी कॉलोनी स्थित मरीमाता मंदिर स्थित सभा मंडप निर्माण कार्य हेतु 12.30 लाख रूपए स्वीकृत किए है।
शिव मंदिर गुलाबगंज में भवन निर्माण हेतु 10 लाख रूपए स्वीकृत कर टेंडर जारी किए जा चुके है। आई जीजाउ सूर्यवंशी क्षत्रिय मराठा समाज के भवन के सौंदर्यीकरण के लिए 6.30 लाख स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके पूर्व 25 लाख रूपए की लागत से सकलपंच नेवे समाज के भवन का निर्माण किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि भावसार समाज ने सदैव सामाजिक समरसता, सेवा, संस्कार और संगठन की परंपरा को मजबूत करने का कार्य किया है। समाज की शक्ति उसकी एकजुटता में निहित होती है और ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को अपनी जड़ों एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि प्राण-प्रतिष्ठा केवल प्रतिमाओं में दिव्यता का संचार नहीं है, बल्कि यह समाज में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक चेतना के जागरण का भी प्रतीक है।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि बुरहानपुर अपनी ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान के साथ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। प्रदेश सरकार के नेतृत्व में जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, खेल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं फोरलेन परियोजनाओं का निर्माण, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सड़क विकास, खेल अधोसंरचना का विस्तार तथा विभिन्न जनहितकारी परियोजनाओं के माध्यम से बुरहानपुर को विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि समाजों और सामाजिक संस्थाओं का विकास किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास की आधारशिला होता है। जब समाज संगठित होकर आगे बढ़ता है तो शिक्षा, संस्कार, सेवा और सामाजिक उत्थान के नए आयाम स्थापित होते हैं। भावसार समाज द्वारा समाज भवन का निर्माण इसी दूरदर्शी सोच और सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचायक है। यह भवन भविष्य में सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।
श्रीमती चिटनिस ने समाज के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं समाजजनों को प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और विकास का यह संगम बुरहानपुर को और अधिक सशक्त, संस्कारित एवं प्रगतिशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में भावसार समाज अध्यक्ष राजेंद्र जुनागढ़े, कीमत मतवानी, संतोष देवताले, पुंडलिक खंभाइते, गजानन भावसार, पार्षद संभाजीराव सगरे, आशीष शुक्ला, हेमेन्द्र महाजन, रुद्रेश्वर एंडोले, रवि काकड़े, जगदीश सोनवणे, निलेश जुनागढ़े, दिनेश जुनागढ़े, नंदकिशोर खंभाइते, राजेश भावसार, संतोष सोमवंशी, दत्ता सूर्यवंशी एवं चंद्रकांत सूर्यवंशी सहित समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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