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नेपानगर में ‘लापता विधायक’ पोस्टरों से सियासी संग्राम: निंबोला में पोस्टर वार के बाद कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने।

बुरहानपुर

नेपानगर में ‘लापता विधायक’ पोस्टरों से सियासी संग्राम: निंबोला में पोस्टर वार के बाद कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने।

बुरहानपुर जिले की नेपानगर विधानसभा में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब निंबोला गांव में स्थानीय विधायक मंजू राजेंद्र दादू के कथित “लापता” होने के पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आया। अज्ञात लोगों द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों के बाद क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है और कांग्रेस-भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

जानकारी के अनुसार, नेपानगर विधानसभा क्षेत्र के निंबोला गांव के पास मगरूल रोड पर कुछ स्थानों पर विधायक मंजू राजेंद्र दादू की तस्वीर और नाम के साथ “लापता विधायक” लिखे पोस्टर लगाए गए थे। पोस्टर सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही विधायक समर्थक मौके पर पहुंचे और पोस्टरों को हटा दिया गया, लेकिन तब तक यह मामला राजनीतिक रंग ले चुका था।

पोस्टर प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश महासचिव अजय सिंह रघुवंशी ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि चुनाव जीतने के बाद जनता से दूर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि संकट के समय जनता के बीच जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति से लोगों में नाराजगी है और यही नाराजगी अब पोस्टरों के रूप में सामने आ रही है।

पूर्व कृषि मंत्री और कांग्रेस नेता सचिन यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी अपने क्षेत्र के लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के जनप्रतिनिधि जनता से दूर होते जा रहे हैं।

वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज माने ने कहा कि नेपानगर विधायक मंजू दादू और बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनीस जिले की सबसे सक्रिय जनप्रतिनिधियों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुद्दाविहीन होकर इस तरह के विवाद खड़े करने का प्रयास कर रही है।

फिलहाल पोस्टर लगाने वालों की पहचान नहीं हो सकी है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने नेपानगर की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि यह मामला आने वाले दिनों में कितना राजनीतिक असर छोड़ता है।

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