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“बेटियों का भविष्य अंधेरे में: 8 साल से हाई स्कूल की मांग, अब तक सिर्फ वादे!”

बाकड़ी में हाई स्कूल नहीं होने से आठ साल में 200 से अधिक बालिकाओं की छूटी पढ़ाई, 8 वीं के बाद पढ़ाई करने के लिए बाहर नहीं जा पाती है कई बालिकाएं-----


बुरहानपुर:- बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र स्थित 10 हजार की आबादी वाले वन ग्राम बाकड़ी में हाई स्कूल नहीं होने के कारण पिछले 8 सालों में 200 से अधिक बालिकाएं शिक्षा से वंचित रह गई है। जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाकों से सटे इस गांव मे केवल पहली से आठवीं तक का ही सरकारी स्कूल है, जिससे गांव की पढ़ाई के लिए 7 से 14 किलोमीटर दूर जाने में असमर्थ छात्राएं पढ़ाई छोड़ने को मजबूर है और कई बालिकाओं का विवाह भी हो गया है वर्तमान में इस समस्या को लेकर नेपानगर की पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मधु चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी को पत्र लिखकर हाई स्कूल खोलने की मांग की है, वही जनजाति विभाग के सहायक आयुक्त भारत जांचपुरे जी ने विचार कर शासन को प्रस्ताव भेजने की बात कही है। 

7 से 14 किलोमीटर दूर है स्कूल, सुरक्षा ओर आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण छूट रही है पढ़ाई 

गांव में केवल पहली से आठवीं तक का स्कूल संचालित है नौवीं कक्षा की पढ़ाई के लिए छात्राओं को करीब 7 किलोमीटर दूर सीवल या लगभग 14 किलोमीटर दूर नावरा जाना पड़ता है इतनी अधिक दूरी होने के कारण अभिभावक अपनी बेटियों को आगे की पढ़ाई के लिए बाहर भेजने से कतराते है, बालक तो दूर के स्कूलों में चले जाते है, लेकिन बालिकाओं के लिए यह संभव नहीं हो पाता है। केवल वही छात्राएं आगे पड़ पाती है जिनका चयन उत्कृष्ट या एकलव्य विद्यालयों में होता है, जिनकी संख्या बहुत सीमित होती है अधिकांश बच्चे आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण भी आठवीं के बाद अपनी पढ़ाई वही पर छोड़ देते है।

14 किलोमीटर के दायरे में 2 हायर सेकेंडरी ओर 1 हाईस्कूल 

क्षेत्र में महज 14 किलोमीटर की दूरी पर 2 हाई सेकेंडरी ओर एक हाई स्कूल है, लेकिन जहां आदिवासी बच्चों को हाई स्कूल की आवश्यकता सबसे अधिक है वहां स्कूल नहीं खोला जा रहा है।

भातखेड़ा में हाई सेकेंडरी ओर पलासुर में हाई स्कूल है जिनकी दूरी बाकड़ी से 7 किलोमीटर दूर है। वही 14 किलोमीटर दूर नावरा में हाई स्कूल और हाई सेकेंडरी स्कूल दोनों संचालित है। इसी तरह डाभियाखेड़ा में भी हाई स्कूल है, लेकिन बाकड़ी में हाई स्कूल नहीं है।

2018 में हुआ था सर्वे, पौने 2 एकड़ जमीन भी मिली थी

 बाकड़ी में हाई स्कूल खोलने के लिए 2018 में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान ( रमसा ) के माध्यम से एक सर्वेक्षण किया गया था यह सर्वे जन शिक्षक राजेश कापड़े ने नावरा स्कूल के प्राचार्य के साथ मिलकर किया था। 

उस समय एक व्यक्ति ने स्कूल निर्माण के लिए पौने 2 एकड़ जमीन देने की सहमति भी दी थी लेकिन यह प्रस्ताव बाद में ठंडे बस्ते में चला गया।

शिक्षा विशेषज्ञों का सुझाव- 8 वीं के बाद 9 की पात्रता दे 

शिक्षा विशेषज्ञों अनुसार, अगर जनजाति विभाग के सहायक आयुक्त भारत जांचपुरे चाहे तो कक्षा 8 वीं के बाद उसी स्कूल में कक्षा 9 वीं शुरू करा सकते है।

इसके लिए उन्हें डाइस कोड को लेकर प्रकिया करनी होगी इसके बाद हाई स्कूल खोला जाना खुद ही जरूरी हो जाएगा और क्षेत्र की बालिकाएं हर साल शिक्षा से वंचित होने के लिए बच जाएगी।

जयस ने उठाए सवाल, पूर्व नपा पालिका अध्यक्ष ने सीएम को लिखा पत्र

बुरहानपुर जयस कार्यकारणी अध्यक्ष गुड्डू जाधव ओर जयस कार्यकर्ता सुरेश जमरा ने बताया है कि चुनाव के समय बड़े बड़े वादे होते है, लेकिन बाद में अमल नहीं होता है। वे लंबे समय से हाई स्कूल की मांग कर रहे हैं, जो अब तक पूरी नहीं हुई है।

वही नेपानगर की पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मधु चौहान ने हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी को पत्र लिखकर मांग की है कि बाकड़ी में हाई स्कूल खोला जाना चाहिए।

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