परिसीमन में नैनपुर विधानसभा का पुनर्जागरण जरूरी
परिसीमन में नैनपुर विधानसभा का पुनर्जागरण जरूरी
उदय क्षेत्र के सर्वांगीण उत्थान का बनेगा मजबूत आधार
सर्वांगीण विकास परिषद नैनपुर की अहम बैठक, सर्वदलीय शंखनाद का निर्णय
नैनपुर।
वर्तमान सत्र में प्रस्तावित विधानसभा एवं लोकसभा परिसीमन को लेकर पूरे प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज है। चर्चाओं के अनुसार मंडला जिले में दो नई विधानसभा सीटें बढ़ने की संभावना है। इसी महत्वपूर्ण विषय को लेकर नैनपुर जिला बनाओ संघर्ष समिति एवं नैनपुर सर्वांगीण विकास परिषद की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें नैनपुर को पुनः विधानसभा दर्जा दिलाने की ठोस रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि परिसीमन आयोग के समक्ष नैनपुर विधानसभा के पुनर्गठन हेतु ठोस तथ्य, ऐतिहासिक संदर्भ और जनभावनाओं को मजबूती से रखा जाएगा। इसके साथ ही शीघ्र ही नैनपुर नगर में सर्वदलीय एवं सर्वसामाजिक बैठक आयोजित कर नैनपुर विधानसभा पुनर्जीवन का शंखनाद किया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले परिसीमन में नैनपुर विधानसभा को समाप्त कर दिया गया था, जिसके लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र को मंडला विधानसभा में सम्मिलित कर दिया गया। नैनपुर विधानसभा के अंतिम विधायक देवसिंह सैयाम (भाजपा) रहे, जबकि मंडला विधानसभा के पहले विधायक भी वही बने। उस समय जबलपुर के तरंग भवन में परिसीमन प्रक्रिया के दौरान नैनपुर विधानसभा को बचाने के लिए किसी भी राजनीतिक दल द्वारा कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया, जिसका खामियाजा आज नैनपुर क्षेत्र विकास के रूप में भुगत रहा है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि नैनपुर विधानसभा के विलुप्त होने से क्षेत्र का संतुलित विकास बाधित हुआ, प्रशासनिक उपेक्षा बढ़ी और जनता की आवाज कमजोर पड़ी। ऐसे में अब जब पुनः परिसीमन होने जा रहा है, तो जनता की मांग के आधार पर नैनपुर विधानसभा का पुनर्जीवन बेहद जरूरी है, जिससे क्षेत्र का समग्र और तेज़ विकास सुनिश्चित हो सके।
14 फरवरी को नैनपुर सर्वांगीण विकास परिषद द्वारा सर्वदलीय बैठक की तिथि घोषित कर दी गई है।
इस ऐतिहासिक बैठक में समस्त राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को आमंत्रित किया गया है, ताकि एकजुट होकर नैनपुर के हक़ की आवाज बुलंद की जा सके।
नैनपुर की पहचान, विकास और भविष्य के लिए यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है।
rashtriya news

कोई टिप्पणी नहीं