सिंदखेड राजा में मुद्रांक विक्रेताओं द्वारा आम जनता को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।
सिंदखेड राजा में मुद्रांक विक्रेताओं द्वारा आम जनता को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां के कुछ अधिकृत स्टांप विक्रेता स्टांप टिकट खरीदने वाले लोगों से निर्धारित मूल्य के बजाय दोगुनी राशि वसूल रहे हैं।
इतना ही नहीं, कई विक्रेता अपने पास स्टांप उपलब्ध होने के बावजूद ग्राहकों को “स्टांप नहीं है” कहकर दूसरी जगह भेज देते हैं, जहां भी उन्हें यही जवाब मिलता है।
इस कारण आम नागरिकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में आडगांव राजा के पत्रकार गजानन कहाले ने दिनांक 24 फरवरी को उपकोषागार अधिकारी एवं दुय्यम निबंधक अधिकारी, सिंदखेड राजा तथा तहसीलदार एवं दंडाधिकारी, तहसील कार्यालय सिंदखेड राजा को लिखित शिकायत दी है।
इस शिकायत पर बबन सरकटे, दीपक इंगळे, दिलीप साजने सहित अन्य नागरिकों के हस्ताक्षर भी हैं।
क्षेत्र में दबे स्वर में यह चर्चा भी सुनने को मिल रही है कि संबंधित वरिष्ठ अधिकारी कहीं इन स्टांप विक्रेताओं को संरक्षण तो नहीं दे रहे हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी स्टांप विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई करेंगे?
आम जनता की मांग है कि इस प्रकरण की गहन जांच कर दोषियों के लाइसेंस तत्काल रद्द किए जाएं और अवैध वसूली पर रोक लगाई जाए।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर पूरे तालुका की जनता की नजर टिकी हुई।
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