“नियमितीकरण या सड़क पर संघर्ष!”— 2.5 लाख कर्मचारियों की हुंकार, सरकार को सीधी चेतावनी
नियमितीकरण या सड़क पर संघर्ष!”— 2.5 लाख कर्मचारियों की हुंकार, सरकार को सीधी चेतावनी।
बुरहानपुर। मध्य प्रदेश में संविदा, दैनिक वेतन भोगी और आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ बड़ा बिगुल फूंक दिया है। 25 फरवरी 2026 को बुरहानपुर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम विस्तृत ज्ञापन भेजा गया। चिलचिलाती धूप में महिला और पुरुष कर्मचारी घंटों खड़े रहे और शासन-प्रशासन को मांग-पत्र सौंपा।
भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में कर्मचारियों ने दो टूक कहा—यदि जल्द निर्णय नहीं हुआ तो राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। “अब इंतजार नहीं, फैसला चाहिए” के नारों के साथ कर्मचारियों ने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया।
ज्ञापन में 10 वर्ष से अधिक सेवा दे चुके कर्मचारियों के नियमितीकरण, समान वेतन-डीए, पुरानी पेंशन योजना, EPFO/ESIC, स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी की मांग उठाई गई है। महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व लाभ और सुरक्षित कार्यस्थल पर भी जोर दिया गया।
प्रदेश में करीब 2.5 लाख कर्मचारी इस मुद्दे से जुड़े बताए जा रहे हैं। अब सवाल यह है—क्या सरकार मांगों पर ठोस कदम उठाएगी या प्रदेश में बड़ा आंदोलन देखने को मिलेगा?
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