बजट में शिक्षा को प्राथमिकता, विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा
बजट में शिक्षा को प्राथमिकता, विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में शिक्षा विभाग और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई सकारात्मक प्रावधान किये गये हैं। बजट में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं और डिजिटल संसाधनों पर विशेष फोकस देखने को मिला है, जिससे विद्यार्थियों के समग्र विकास को मजबूती मिलेगी।
बजट में पीएम श्री विद्यालयों, डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास, आईसीटी आधारित शिक्षण, शिक्षक प्रशिक्षण तथा नवाचार को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता में समानता लाने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम है।
विद्यार्थियों के लिये स्कॉलरशिप, छात्रवृत्ति योजनाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े प्रावधानों को प्रोत्साहन दिया जाना स्वागतयोग्य है। इससे मेधावी, आर्थिक रूप से कमजोर तथा दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
बजट में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन कंटेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही गई है, जिससे विद्यार्थी भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकेंगे।
साथ ही विद्यालयों में भौतिक संसाधनों, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, खेल सुविधाओं एवं छात्र हितैषी योजनाओं को सशक्त बनाने की दिशा में भी बजट में सकारात्मक संकेत मिले हैं। इससे शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर कौशल, खेल और व्यक्तित्व विकास तक विस्तृत होगी।
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि बजट में शिक्षा को निवेश के रूप में देखने का दृष्टिकोण उभरकर सामने आया है। यदि इन प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाता है, तो निश्चित रूप से यह बजट विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत करने और देश को ज्ञान आधारित समाज की ओर ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।
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