जामा मस्जिद से उठा बाल विवाह के खिलाफ संदेश
जामा मस्जिद से उठा बाल विवाह के खिलाफ संदेश, नैनपुर में चला 100 दिवसीय जागरूकता अभियान
नैनपुर — बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से परियोजना नैनपुर अंतर्गत जामा मस्जिद में 100 दिवसीय “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मौलवी साहब के माध्यम से उपस्थित लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों से बाल विवाह मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय सहयोग करने की अपील की गई। परियोजना स्तर पर संचालित कंट्रोल रूम की जानकारी देते हुए बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की एवं 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जिसे सरकार द्वारा पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है।
जानकारी में यह भी बताया गया कि बाल विवाह करने, करवाने अथवा उसमें शामिल होने वालों के विरुद्ध 1 लाख रुपये तक का जुर्माना, 2 वर्ष का कारावास या दोनों की सजा का प्रावधान है।
इसके साथ ही पीड़ितों को हब एवं वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से दी जाने वाली सहायता सेवाओं की जानकारी देकर जागरूक किया गया तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को जोड़कर बाल विवाह के खिलाफ मजबूत जनजागरूकता पैदा करना रहा।
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