बजट में ओल्ड पेंशन बहाली की उम्मीद तेज
बजट में ओल्ड पेंशन बहाली की उम्मीद तेज
कर्मचारियों में आर्थिक सुरक्षा व सम्मानजनक वृद्धावस्था की अपेक्षा
मंडला - आगामी फरवरी में संसद में वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट प्रस्तुत होना है। बजट से पूर्व सरकारी कर्मचारियों में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) बहाली को लेकर उम्मीदें प्रबल हो रही हैं। यह विषय केवल आर्थिक मांग न होकर सेवानिवृत्ति के पश्चात सम्मान, स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
वर्ष 2004 के बाद लागू नई पेंशन व्यवस्था (NPS) को लेकर कर्मचारियों में असंतोष बना रहा है। NPS को पूरी तरह बाज़ार आधारित व्यवस्था माना जाता है, जिसमें सेवानिवृत्ति के बाद प्राप्त होने वाली राशि बाजार की स्थितियों पर निर्भर रहती है। इसके विपरीत OPS में जीवन पर्यन्त पेंशन का प्रावधान था, जिसमें महँगाई भत्ते (DA) के साथ आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध रहती थी।
विशेषज्ञों एवं कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि पेंशन कोई दान या कृपा नहीं बल्कि सेवाकाल का अधिकार एवं सामाजिक सुरक्षा की अनिवार्य व्यवस्था है। सेवानिवृत्ति के बाद चिकित्सा, जीवन-यापन, दवाई, पारिवारिक दायित्व और सामाजिक आवश्यकताओं के लिये स्थिर आय अत्यंत आवश्यक होती है।
कई राज्यों द्वारा OPS बहाली की दिशा में निर्णय लिये जाने से यह भी स्पष्ट हुआ है कि यह व्यवस्था वित्तीय दृष्टि से व्यवहार्य है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार पेंशन राशि का सीधा प्रभाव ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था तथा स्थानीय बाजार पर पड़ता है, जिससे खपत एवं खरीद बढ़ती है।
यदि आगामी बजट में OPS बहाली पर सकारात्मक पहल होती है, तो इससे कर्मचारियों एवं परिवारों को आर्थिक और मानसिक सुरक्षा मिलेगी। इसके अतिरिक्त इससे कार्यकुशलता, सेवा मनोबल और भविष्य की भर्ती में भी सकारात्मक प्रभाव की संभावना व्यक्त की जा रही है।
कर्मचारी वर्ग का मानना है कि बजट में केवल संख्यात्मक गणना न होकर कल्याणकारी दृष्टिकोण भी दिखाई देना चाहिए। कर्मचारियों में यह भावना भी व्यक्त की जा रही है कि—
“यदि बजट में OPS पर पहल होती है, तो यह केवल कर्मचारियों की अपेक्षा नहीं, बल्कि कल्याणकारी राज्य की दिशा में ऐतिहासिक कदम होगा।”
अब निगाहें संसद एवं आगामी बजट पर टिकी हैं। निर्णय यदि अनुकूल आता है, तो यह देशभर के कर्मचारियों एवं परिवारों की सम्मानजनक वृद्धावस्था, सामाजिक सुरक्षा और स्थिरता के लिये महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकता है।
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