करंट बना बाघिन की मौत का कारण, आपसी संघर्ष की आशंका गलत निकली
करंट बना बाघिन की मौत का कारण, आपसी संघर्ष की आशंका गलत निकली
- 14 से 16 माह की मादा बाघिन का शव मिला, पोस्टमार्टम में खुलासा
- दोषियों की तलाश में 4 किमी क्षेत्र में सघन घेराबंदी
मंडला। मंडला जिले के अंजनियां वन परिक्षेत्र में बाघिन की मौत का रहस्य सुलझ गया है। शुक्रवार शाम गश्त के दौरान वनकर्मियों को अंजनियां बीट के जंगल में एक बाघिन का शव मिला था, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। शनिवार को हुए पोस्टमार्टम में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बाघिन की मौत आपसी संघर्ष से नहीं, बल्कि बिजली के करंट की चपेट में आने से हुई है।
जानकारी मिलते ही पूर्व सामान्य वनमंडल की डीएफओ प्रीता एसएम सहित डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची। अंधेरा होने के कारण शुक्रवार को केवल प्राथमिक जांच हो सकी थी। शुरुआती तौर पर बाघिन के पिछले हिस्से में चोट और सड़न के निशान मिलने से यह आशंका जताई जा रही थी कि किसी अन्य बाघ से संघर्ष में उसकी जान गई होगी। लेकिन शनिवार सुबह वन्यजीव विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में स्पष्ट हुआ कि लगभग 14 से 16 माह की इस मादा बाघिन की मौत करंट लगने से हुई है।
दोषियों की तलाश में 4 किमी का घेरा
बाघिन की मौत को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने तत्काल जांच टीम गठित कर दी है। डीएफओ प्रीता एसएम ने बताया कि घटना स्थल के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। यह पता लगाया जा रहा है कि करंट जानबूझकर शिकार के उद्देश्य से लगाया गया था या किसी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
जांच जारी, होगी कड़ी कार्रवाई
वन विभाग ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर डॉग स्क्वायड की मदद से साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिले सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जंगल में करंट फैलाने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान के लिए सघन पूछताछ और जांच जारी है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
rashtriya news


कोई टिप्पणी नहीं