बाघ के साथ संघर्ष में नर तेंदुए की मौत
बाघ के साथ संघर्ष में नर तेंदुए की मौत
बाघ के साथ संघर्ष में नर तेंदुए की मौत
- तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित मिले
- किसली परिक्षेत्र में मिला मृत तेंदुआ
- पोस्टमार्टम में सिर पर मिले बाघ के दांतों के निशान

मंडला . कान्हा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत किसली वन परिक्षेत्र में एक नर तेंदुए का शव मिला है। वन विभाग ने बताया कि तेंदुए की मौत आपसी संघर्ष के कारण हुई है। बताया गया कि 19 जनवरी को किसली परिक्षेत्र के बीट मोचीदादर के कक्ष क्रमांक 645 (6) में साल्हेभ_ा के पास एक नर तेंदुए का शव बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही एनटीसीए नई दिल्ली और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्यप्रदेश द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत इलाके को सुरक्षित किया गया। डॉग स्क्वाड की मदद से घटना स्थल की सघन जांच की गई, जहाँ बाघ की उपस्थिति के पुख्ता साक्ष्य मिले।

बताया गया कि मंगलवार को कान्हा टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संदीप अग्रवाल, डॉ. दीपाली परते, डॉ. विशाल उद्दे और डॉ. सुनील गोयल की टीम द्वारा मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम किया गया। जांच में पाया गया कि तेंदुए के शरीर के सभी अंग सुरक्षित हैं। हालांकि, तेंदुए के सिर पर बाघ के दांतों के गहरे निशान मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसकी मौत बाघ के हमले से हुई है।

तेंदुए का किया अंतिम संस्कार
बताया गया कि निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत शवदाह की प्रक्रिया संपन्न की गई। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक जबलपुर मस्तराम बघेल, उपसंचालक पुनीत गोयल, सहायक संचालक सूरज सिंह सेन्दराम, एनटीसीए प्रतिनिधि शिवांगी बेन्द्रे और तहसीलदार बिछिया शंकर मरावी,खटिया सरपंच श्यामवती उईके सहित संबंधित अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वन विभाग ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है और अग्रिम कार्रवाई जारी है। संपूर्ण प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई है।

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