बीजाडांडी के मजदूरों को गुजरात में बनाया बंधक, मंडला कलेक्टर की पहल पर सुरक्षित हुई वापसी
बीजाडांडी के मजदूरों को गुजरात में बनाया बंधक, मंडला कलेक्टर की पहल पर सुरक्षित हुई वापसी
- टाइल्स फैक्ट्री में कैद थे मंडला के श्रमिक
- जनपद सभापति और प्रशासन की तत्परता से मिली मजदूरी और आजादी
मंडला . रोजगार की तलाश में गुजरात गए विकासखंड बीजाडांडी के मजदूरों को बंधक बनाए जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से इन मजदूरों को न केवल फैक्ट्री के चंगुल से मुक्त कराया गया, बल्कि उन्हें उनकी पूरी मजदूरी दिलवाकर सुरक्षित घर वापस लाया गया।

जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत मगरधा से शुभम, बरौंची से संतोष और मानिकसरा से विनीता सहित मंडला जिले के अन्य मजदूर गुजरात के जिला मोरबी के ग्राम पावडिय़ा स्थित स्काइप नामक टाइल्स फैक्ट्री में काम करने गए थे। वहाँ फैक्ट्री संचालक और ठेकेदार द्वारा मजदूरों को न तो मजदूरी दी जा रही थी और न ही उन्हें घर वापस आने दिया जा रहा था। मजदूरों ने आरोप लगाया कि वहां से आने की कोशिश करने वालों के साथ मारपीट कर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा था। मजदूरों की इस विपदा की जानकारी फोन के माध्यम से सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनपद पंचायत बीजाडांडी के सभापति राजेन्द्र पुट्टा को प्राप्त हुई। श्री पुट्टा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मंडला कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा को वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
सकुशल वापसी और मजदूरी का कराया भुगतान
कलेक्टर के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सक्रियता दिखाई और सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार सिन्हा के समन्वय से गुजरात प्रशासन व संबंधित फैक्ट्री प्रबंधन से संपर्क साधा। दबाव के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने सभी बंधक मजदूरों को मुक्त किया और उनकी मेहनत की पूरी राशि का भुगतान किया। बंधक मुक्त हुए सभी मजदूर अब सकुशल अपने घर लौट आए हैं। मजदूरों और उनके परिजनों ने इस मानवीय मदद के लिए जिला प्रशासन और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है।
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