जिले में ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों की भरमार
जिले में ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों की भरमार
- सीतारपटन, अजगर दादर, मटरिया डेम है आकर्षण का केन्द्र
मंडला . आज साल का पहला दिन है और बीते साल की अंतिम रात से ही जश्न का माहौल शुरू हो गया। नए साल को जश्न के रूप में मनानें मित्रो, दोस्तों एवं परिवारों के अलावा टूरिस्टो में चर्चा स्थान की तलाश की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी नए साल को लेकर अच्छा खासा उत्साह है। बताया गया कि जिले के बिछिया ब्लॉक में पर्यटन स्थल की कमी नहीं है। यहां ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों की भरमार है। जहां लोग 2026 में हैप्पी न्यू ईयर बनाने यहां पहुंचने वाले हैं।

अजगर दादर खास
जानकारी के अनुसार अजगरों की बस्ती कहे जाने वाला अजगरो का केंद्र परिक्षेत्र जगमंडल अंजनिया के अंतर्गत ककैया में है। यहां कई हैक्टर में नर और मादा अजगर पाए जाते है। बताया जाता है कि सन 1926 में आई बाढ़ के बाद यह इलाका पूरी तरह खोखला हो गया है। जहां चूहा गिलहरियों आदि ने अपना बसेरा बना लिया। तब से ही यहां अजगरों ने अपना आशियाना बना लिया। यह इलाका अजगर दादर के नाम से जाने लगा।
सीतारपटन में पिकनीक स्मॉट
अंजनिया से 5 किलोमीटर दूर सीतारपटन में लोगों की मान्यता है कि यह लव कुश की जन्म नगरी है। जहां महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की। भगवान राम के द्वारा सीता मां को निष्कासित करने पर यहां सीता जी आश्रम की पनाह ली थी। इसके अलावा यहीं से सुरपन नदी गुजरी है जिसमें झरने स्पॉट आदि है। जहां लोग लुफ्त उठाने आते हैं। नए वर्ष में भी यहा काफी भीड़ देखी जाती है।

इसी तरह बिछिया ब्लॉक के अंजनिया से 7 किलोमीटर दूर ग्राम बघरौनी में मटियारी जलाशय है। बरसात में खूबसूरती नजारे को देखने के लिए यहां दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। बारिश के बाद यहां जलभराव बना हुआ है। नए साल के दिन यहां मेले का आयोजन किया जाता है। इस बार भी एक और दो जनवरी को यहां मेला लगने जा रहा है।
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