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एनएच 30 पर बिछीं 5 महिला मजदूरों की लाशें

 


एनएच 30 पर बिछीं 5 महिला मजदूरों की लाशें 

  • मुआवजे के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ चक्काजाम
  • अंत्येष्टि के लिए तत्काल दी 1-1 लाख की सहायता
  • परिजनों ने शव सड़क पर रखकर मांगा न्याय

मंडला . नेशनल हाईवे 30 पर गौर बायपास के पास रविवार को हुई भीषण दुर्घटना ने अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। सुरक्षा इंतजामों के अभाव में एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से विकासखंड बीजाडांडी के ग्राम बम्होरी की 5 महिला मजदूरों की मौत हो गई है। वहीं ईलाजरत एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई हे। घटना से आक्रोशित परिजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सोमवार दोपहर 12 बजे से भारत पेट्रोल पंप बरेला टोल नाका के पास शवों को रखकर चक्काजाम कर दिया है।

बीजाडांडी के जनपद सदस्य व सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र पुट्टा और राजकुमार सिन्हा बरगी बांध विस्थापित संघ ने आरोप लगाया कि चालू हाईवे पर करीब 20 महिलाओं से काम कराया जा रहा था, लेकिन ठेकेदार और एनएचएआई ने उन्हें न तो कोई सेफ्टी किट दी थी और न ही वहां कोई सुरक्षा संकेतक लगाए थे। हादसे के वक्त मौके पर न तो ठेकेदार का कोई प्रतिनिधि था और न ही प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी।

हादसे में इन्होंने गंवाई जान 

मृतकों में ग्राम बम्होरी की चेनवती कुड़ापे, लक्षों बाई परते, घसीटी बाई कुशराम, कृष्णा बाई कुड़ापे और गुमता बाई उईके शामिल हैं। इसके अलावा 11 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। बताया गया कि डर के कारण कुछ घायल मजदूर देर रात मेडिकल अस्पताल से बिना बताए घर लौट आए हैं, जिससे उनकी जान का खतरा और बढ़ गया है।

प्रशासन से की मांग 

रविवार को हुए सड़क हादसे के बाद प्रदर्शन प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने कुछ मांगें रखी हैं। मांग करते हुए कहां गया कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपए और घायलों को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए, मृतक परिवार के एक सदस्य को शासकीय या संविदा नौकरी दी जाए, दोषी एनएचएआई अधिकारियों और ठेकेदार पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की गई है।

मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा 

भीषण हादसे के विरोध में दिया जा रहा धरना सोमवार शाम 5 बजे समाप्त हो गया। प्रशासन और ठेकेदार द्वारा मुआवजे की मांगें स्वीकार किए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम हटा लिया। यह प्रदर्शन बीजाडांडी जनपद सदस्य राजेन्द्र पुट्टा की अगुवाई में किया जा रहा था, जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। वार्ता के बाद प्रशासन और ठेकेदार द्वारा सहायता राशि की घोषणा की गई है। जिसमें प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल 15 लाख रुपये दिए जाएंगे, जिसमें 10 लाख रुपये सरकार की ओर से और 5 लाख रुपये ठेकेदार द्वारा प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही अंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए प्रत्येक प्रभावित परिवार को 1-1 लाख रुपये की राशि तत्काल उपलब्ध करा दी गई है। वहीं गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को 2-2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। साथ ही घायलों का बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराने का आश्वासन दिया गया है।



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