बुरहानपुर टाप्टी मिल के कर्मचारियों को 10 माह से नहीं मिला वेतन, आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार — पीएम तक पहुंची गुहार।
बुरहानपुर टाप्टी मिल के कर्मचारियों को 10 माह से नहीं मिला वेतन, आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार — पीएम तक पहुंची गुहार।
बुरहानपुर की ऐतिहासिक टाप्टी पेपर मिल के अधिकारी और कर्मचारी गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। मिल बंद होने के बाद भी कर्मचारी पूर्व निर्धारित समय अनुसार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन करीब दस महीनों से वेतन का भुगतान नहीं होने से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों और अधिकारियों के सामने भोजन, इलाज, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। इससे न केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है, बल्कि क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए युवा कांग्रेस एवं एनएसयूआई के पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्रहास शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में उन्होंने केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन टाप्टी मिल के कर्मचारियों को तत्काल दस माह का बकाया वेतन जारी कराने की मांग की है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कोरोना संक्रमण के बाद मिल का उत्पादन बंद होने से कर्मचारियों की स्थिति और अधिक दयनीय हो गई है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो कई परिवारों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
कर्मचारियों को अब सरकार से जल्द राहत की उम्मीद है, ताकि वे इस लंबे आर्थिक संकट से बाहर निकल सकें।
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