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नैनपुर में अवैध कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई

 

नैनपुर में अवैध कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई 

नैनपुर में अवैध कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई, पिंडरई में जेसीबी से ध्वस्त हुआ लेआउट

  • तुईयापानी और चिरईडोंगरी की कॉलोनियां अवैध घोषित
  • तीन से सात साल की कैद का प्रावधान

नैनपुर. पिंडरई में कृषि भूमि पर बनाए गए रास्ते और अवैध प्लाटिंग लेआउट को जेसीबी से हटवाया गया। तुईयापानी और चिरईडोंगरी में प्रकरण दर्ज कर अवैध कॉलोनी घोषित कर कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशन में नैनपुर अनुविभाग में अवैध कॉलोनाइजरों के विरुद्ध बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। ग्राम पिंडरई में खसरा क्रमांक 311/1 कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग, बिना अनुमति लेआउट निर्माण और अनधिकृत रास्तों को जेसीबी से से ध्वस्त कराया गया।

जानकारी अनुसार मंडला जिले के नैनपुर अनुविभाग में प्रशासन ने अवैध प्लॉटिंग कॉलोनी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान एक अवैध कॉलोनी के लेआउट को जेसीबी की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया, जबकि दो अन्य कॉलोनियों को अवैध घोषित कर कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है। एसडीएम नैनपुर आशुतोष ठाकुर के निर्देश पर ग्राम पिंडरई में एक कृषि भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि कॉलोनाइजर रजिस्ट्रेशन, टीएनसीपी अनुमति और स्वीकृत नक्शे के बिना ही यहाँ सड़कें बना दी गई थीं और अस्थाई झोपडिय़ां खड़ी कर विज्ञापन के जरिए प्लॉट बेचने की तैयारी थी। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर इस पूरे अवैध लेआउट को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया।

दो अन्य कॉलोनियां अवैध घोषित 

बताया गया कि तुईयापानी के खसरा क्रमांक 256, 267, 268 में अवैध कॉलोनी विकसित करने की शिकायत पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के न्यायालय में मामला दर्ज किया गया। सुनवाई के दौरान कॉलोनाइजर आवश्यक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके आधार पर न्यायालय ने इस भूमि को अवैध कॉलोनी घोषित करते हुए तहसीलदार नैनपुर को कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी तरह चिरईडोंगरी खसरा क्रमांक 39/1/1 में भी अवैध प्लॉटिंग की पुष्टि हुई। भूमिस्वामी नोटिस के बावजूद वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया, जिसके बाद न्यायालय ने इस कॉलोनी को भी अवैध घोषित कर तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया।

अवैध कॉलोनाइजरों पर जारी रहेगी कार्रवाई 

बताया गया कि अवैध प्लॉटिंग एवं अनाधिकृत कॉलोनी निर्माण लोगों को आर्थिक नुकसान पहुँचाते हैं और भविष्य में गंभीर अव्यवस्थाएँ पैदा करते हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि प्लॉट खरीदते समय कॉलोनी के टी एण्ड सीपी अनुमोदन, कॉलोनाइजर रजिस्ट्रेशन और स्वीकृत अप्रूव्ड लेआउट, डायवर्सन अवश्य देखें जिससे भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। एसडीएम आशुतोष ठाकुर ने बताया कि अवैध कॉलोनी का निर्माण एक दंडनीय अपराध है। अवैध कॉलोनाइजरों को 3 से 7 वर्ष तक की कैद और अवैध प्लॉट खरीदने वाले को भी 6 माह तक की कैद का प्रावधान है।



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