नेपानगर का भव्य समापन: तीन दिन तक गूंजा खेल, अनुशासन और प्रतिभा का जयघोष ।
नेपानगर का भव्य समापन: तीन दिन तक गूंजा खेल, अनुशासन और प्रतिभा का जयघोष ।
नेपानगर में खेल प्रतिभाओं को मंच देने वाली “खेलो नेपानगर” प्रतियोगिता का मंगलवार को भव्य और उत्साहपूर्ण समापन हुआ। कर्म जन्मभूमि सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय खेल महोत्सव ने बच्चों में खेल भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास का संचार किया।
प्रतियोगिता के अंतिम दिन का नज़ारा बेहद रोमांचक रहा। विभिन्न खेल मुकाबलों के साथ-साथ श्रीराम गुरुकुल के नन्हे बच्चों द्वारा प्रस्तुत मलखंभ और रोप क्लाइंबिंग ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की फुर्ती, संतुलन और साहस ने तालियों की गूंज के साथ माहौल को जीवंत बना दिया।
तीन दिन तक चली इस खेल प्रतियोगिता में 300 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मंगलवार शाम 5 बजे आयोजित समापन समारोह में सभी विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। बच्चों के चेहरों पर जीत की मुस्कान और आत्मगौरव साफ झलक रहा था।
समापन समारोह में कर्म जन्मभूमि सेवा ट्रस्ट के संस्थापक हृदयेश उपाध्याय विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास का माध्यम हैं, बल्कि बच्चों के चरित्र निर्माण और जीवन में अनुशासन सिखाने का सशक्त जरिया भी हैं। उन्होंने भविष्य में इस प्रकार की प्रतियोगिताओं को और व्यापक स्तर पर आयोजित करने की बात कही।
कार्यक्रम में नेपा मिल के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, अभिभावक एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने ट्रस्ट के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को निखारने में अहम भूमिका निभाते हैं।
“खेलो नेपानगर” प्रतियोगिता ने यह संदेश दिया कि यदि सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो नेपानगर के बच्चे खेल के हर क्षेत्र में जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। खेल, संस्कार और समर्पण के संगम के साथ यह आयोजन एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आया।
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