कान फोड़ू साइलेंसर पर नहीं लग रही लगाम
कान फोड़ू साइलेंसर पर नहीं लग रही लगाम
कान फोड़ू साइलेंसर पर नहीं लग रही लगाम, ध्वनि प्रदूषण से लोग परेशान
- पुलिस की कार्रवाई नाकाफी
- कमजोर दिल वालों की बढ़ रही धड़कनें
नैनपुर- नगर में कान फोड़ू साइलेंसर लगाकर सड़कों पर दौडऩे वाले वाहनों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। इन वाहनों से निकलने वाली तेज और कर्कश ध्वनि ने नगरवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर के व्यस्ततम चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों तक इन वाहनों की धमाचौकड़ी दिन-रात जारी रहती है, जिससे ध्वनि प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन गया है। सबसे ज्यादा परेशानी कमजोर दिल वाले लोगों और बुजुर्गों को हो रही है, जिनकी धड़कनें इन तेज आवाजों से अचानक बढ़ जाती हैं। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, जबकि अस्पतालों के आसपास भी इन वाहनों का शोर बेरोकटोक जारी रहता है, जो मरीजों के लिए और भी कष्टदायक है।

- बताया गया कि शहर के विभिन्न हिस्सों विशेषकर भीड़भाड़ वाले बाजारों और रिहायशी इलाकों में भी युवा बाइकर्स जानबूझकर अपने वाहनों के साइलेंसर से ऐसी तेज आवाज निकालते हैं, जिससे राहगीर और दुकानदार अचानक चौंक जाते हैं। कई बार तो यह स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि छोटे बच्चे डर के मारे रोने लगते हैं। यातायात पुलिस द्वारा इन वाहनों पर लगाम कसने के लिए की जा रही कार्रवाई नाकाफी साबित हो रही है। शिकायतें लगातार मिलने के बावजूद पुलिस केवल नाम मात्र की कार्रवाई कर कुछेक वाहनों पर चालानी कार्रवाई कर इतिश्री कर लेती है। इसके बाद भी कान फोड़ू साइलेंसर वाले वाहनों की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है।

नगरवासियों का कहना है कि पुलिस को इस गंभीर समस्या पर और अधिक सख्ती से ध्यान देना चाहिए। उन्हें न केवल चालानी कार्रवाई करनी चाहिए, बल्कि ऐसे साइलेंसर लगाने वाले वर्कशॉप पर भी नकेल कसनी चाहिए। स्थानीयजनों ने प्रशासन से अपील की है कि इस ध्वनि प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं जिससे इस समस्या से निजात मिल सके।
rashtriya news

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