बच्चे बनेंगे स्वच्छता के ब्रांड एम्बेसडर, घर-घर गूंजेगा ‘मेरा घर-सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त’ का संकल्प-अर्चना चिटनिस।
बुरहानपुर। बच्चे में जागरूकता आएगी तो परिवार के स्वभाव और व्यवहार में बदलाव आएगा और परिवार में बदलाव से समाज के स्वभाव एवं व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। इसी सोच को आधार बनाकर ‘सेवा मेरा योगदान’ के अंतर्गत ‘बुरहानपुर स्वच्छ विधानसभा अभियान’ को अब एक व्यापक और सतत जनभागीदारी अभियान का स्वरूप दिया जा रहा है। अभियान में बच्चों को स्वच्छता के ब्रांड एम्बेसडर बनाकर स्कूल से घर और घर से पूरे समाज तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के सतत सेवा संकल्प से प्रेरणा तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) की पहल पर यह अभियान सुनियोजित एवं चरणबद्ध तरीके से वर्षभर संचालित होगा। 2 अक्टूबर, गांधी जयंती पर ताप्ती नदी के राजघाट से नगरीय क्षेत्र में अभियान की सांकेतिक शुरुआत की गई थी। वहीं 17 सितंबर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता गतिविधियां लगातार जारी हैं।
*‘मेरा घर-सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त’-हर परिवार का अपना संकल्प*
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि अभियान का सबसे महत्वपूर्ण संदेश होगा-‘मेरा घर-सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त’। इसका उद्देश्य घर-घर ऐसी आदतें विकसित करना है, जिनसे सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद हो। बाजार जाते समय कपड़े की थैली साथ रखना, अनावश्यक प्लास्टिक से बचना, कचरे को घर पर ही अलग करना और स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना इस अभियान की प्रमुख दिशा होगी। स्वच्छ विधानसभा का संकल्प तभी सार्थक होगा, जब हर नागरिक इसकी शुरुआत अपने घर से करेगा।
स्कूल बनेंगे बदलाव के केंद्र, बच्चे बनेंगे स्वच्छता के ब्रांड एम्बेसडर
बुरहानपुर विधानसभा क्षेत्र के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में विशेष स्वच्छता एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों को सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले पर्यावरणीय एवं सामाजिक दुष्प्रभावों, इसके विकल्प, कचरा पृथक्करण और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। मास्टर ट्रेनर विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों के साथ संवाद करेंगे और उन्हें अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को जागरूक करने के लिए तैयार करेंगे। विद्यार्थी घर-घर संकल्प पत्र भरवाएंगे और उस घर पर ‘मेरा घर-सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त’ का स्टीकर लगाएंगे। मास्टर ट्रेनर से विद्यार्थी, विद्यार्थी से परिवार और परिवार से समाज तक। यानी स्कूल में जागरूक हुआ बच्चा अपने घर में बदलाव का वाहक बनेगा और वही बदलाव आगे चलकर मोहल्ले और समाज तक पहुंचेगा। कार्यशालाओं के बाद विद्यार्थी अपने परिवारों और आसपास के घरों तक पहुंचेंगे। वे लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग छोड़ने तथा कपड़े की थैली अपनाने का आग्रह करेंगे। जो परिवार इस पहल से जुड़ेंगे, उनके घर पर ‘मेरा घर-सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त’ का स्टिकर लगाया जाएगा। यह स्टिकर केवल एक पहचान नहीं होगा, बल्कि परिवार के संकल्प और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनेगा। घर-घर स्टिकर, घर-घर संकल्प-मेरा घर, सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त।
कलेक्टर हर्षसिंह द्वारा विभिन्न विद्यालयों को सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रबुद्धजनों एवं शासकीय अधिकारियों से जोड़ा गया है। संबंधित व्यक्ति अपने-अपने विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों के साथ संवाद करेंगे और विशेष कार्यशालाओं के माध्यम से अभियान की जानकारी देंगे। अभियान की संपूर्ण कार्ययोजना को प्रभावी रूप से जमीन पर उतारने में जिला प्रशासन का महत्वपूर्ण सहयोग रहेगा। उद्देश्य है कि प्रत्येक विद्यालय केवल कार्यक्रम का स्थल न बने, बल्कि स्वच्छता के स्थायी संस्कार विकसित करने का केंद्र बने।
*प्लास्टिक लेंगे, कपड़े की थैली देंगे*
अभियान के अंतर्गत घरों से सिंगल यूज प्लास्टिक एकत्रित किया जाएगा। इसके साथ नागरिकों को इसके व्यवहारिक विकल्प के रूप में कपड़े की थैली का वितरण किया जाएगा। इससे अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्लास्टिक छोड़ने के साथ उसके स्थान पर बेहतर विकल्प अपनाने का व्यवहार भी विकसित करेगा।
अभियान में स्रोत पर कचरा पृथक्करण को भी प्रमुखता दी जाएगी। परिवारों को गीला और सूखा कचरा अलग रखने तथा नगर निगम के कचरा संग्रहण वाहन को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कचरा देने के लिए जागरूक किया जाएगा। स्वच्छता का अर्थ केवल घर और सड़क की सफाई नहीं, बल्कि कचरा पैदा होने के स्थान से ही उसके सही प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाना है।
*कार्यशालाओं में आए सुझाव, सभी ने अपने घर से शुरुआत का लिया संकल्प*
अभियान से जुड़े संवाद में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रबुद्धजनों ने अपने-अपने सुझाव दिए। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि किसी भी सामाजिक परिवर्तन का सबसे मजबूत आधार स्वयं के व्यवहार में बदलाव है। सभी ने अपने घर से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने, कपड़े की थैली अपनाने और स्वच्छता को दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल ने कहा कि बुरहानपुर को स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी केवल नगर निगम की नहीं है। हर परिवार को इस अभियान का सहभागी बनना होगा। ‘मेरा घर-सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त’ का संकल्प यदि घर-घर पहुंचता है तो इसका प्रभाव पूरे शहर के वातावरण पर पड़ेगा। बच्चों के माध्यम से परिवारों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाना इस दिशा में प्रभावी पहल है।
भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने ने कहा कि स्वच्छता तब स्थायी बनेगी, जब यह सरकारी कार्यक्रम से आगे बढ़कर जनआंदोलन बने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़कर देश में एक नई चेतना पैदा की है। उसी भावना को बुरहानपुर विधानसभा में आगे बढ़ाते हुए कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को सक्रिय भागीदारी करनी होगी।
नगर निगमायुक्त संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने में स्रोत पर कचरा पृथक्करण की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रत्येक परिवार गीला और सूखा कचरा अलग रखे और उसे नगर निगम के कचरा संग्रहण वाहन को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार सौंपे। यदि यह आदत हर घर में विकसित होती है तो स्वच्छता व्यवस्था को लंबे समय तक मजबूत बनाया जा सकता है। कार्यशाला में जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा ने भी अपने विचार रखे।
नगर निगमाध्यक्ष श्रीमती अनिता अमर यादव ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति की शुरुआत अपने घर और अपने वार्ड से करनी होगी। परिवार कपड़े अथवा अन्य पुनः उपयोग योग्य थैलियों को अपनाएं और अपने आसपास के लोगों को भी प्रेरित करें। व्यक्ति के व्यवहार में बदलाव से परिवार और परिवार के बदलाव से समाज में परिवर्तन आता है।
2 अक्टूबर की सांकेतिक शुरुआत अब वर्षभर की जनभागीदारी में बदलेगी
गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को ताप्ती नदी के राजघाट से नगरीय क्षेत्र में ‘बुरहानपुर स्वच्छ विधानसभा अभियान’ की सांकेतिक शुरुआत की गई। इससे पहले 17 सितंबर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी गतिविधियां जारी हैं। अब यह अभियान वर्षभर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आगे बढ़ेगा। विद्यालय, परिवार, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि, प्रशासन और नागरिक-सभी इसकी कडि़यां बनेंगे।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सतत सेवा संकल्प से प्रेरित इस पहल की भावना स्पष्ट है-जब पूरे देश को स्वच्छता और जनभागीदारी के लिए एकजुट किया जा सकता है, तो अपनी विधानसभा को स्वच्छ और सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प भी लिया जा सकता है। इसी विश्वास के साथ बुरहानपुर स्वच्छ विधानसभा अभियान को केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि व्यवहार परिवर्तन की पहल बनाया जा रहा है।
लक्ष्य है कि आने वाले समय में ‘मेरा घर-सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त’ हर परिवार की पहचान बने, बच्चे स्वच्छता के संदेशवाहक बनें और घर-घर से शुरू हुआ यह संकल्प पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी में परिवर्तित हो।
rashtriya news
कोई टिप्पणी नहीं