3 महीने से न्यायालय के आदेश की अनदेखी! SDM के सख्त तेवर, सीमांकन में लापरवाही पर राजस्व अमले पर उठे सवाल
3 महीने से न्यायालय के आदेश की अनदेखी! SDM के सख्त तेवर, सीमांकन में लापरवाही पर राजस्व अमले पर उठे सवाल।
बोरीबुजुर्ग की कृषि भूमि का सीमांकन अब तक नहीं हुआ, पीड़ित ने तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक पर आदेशों की अवहेलना का लगाया आरोप, कार्रवाई की मांग।
नेपानगर ( विशेष संवाददाता)
बुरहानपुर जिले के नेपानगर में भूमि सीमांकन को लेकर राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। न्यायालय और एसडीएम के स्पष्ट आदेशों के बावजूद ग्राम बोरीबुजुर्ग की कृषि भूमि का सीमांकन समय पर नहीं होने से मामला तूल पकड़ गया है।
दस्तावेजों के अनुसार, 23 मार्च 2026 को न्यायालय द्वारा खसरा नंबर 112/2 (1.25 हेक्टेयर) एवं 113 (1.82 हेक्टेयर) के पुनः सीमांकन के आदेश दिए गए थे। इसके बाद एसडीएम नेपानगर ने नया सीमांकन दल गठित कर राजस्व निरीक्षक को प्रभारी नियुक्त किया, लेकिन निर्धारित समय में सीमांकन नहीं किया गया।
स्थिति को गंभीर मानते हुए 7 जुलाई 2026 को एसडीएम (राजस्व) ने संबंधित राजस्व निरीक्षक को पत्र जारी कर 10 जुलाई 2026 तक हर हाल में सीमांकन कर न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
इस बीच पीड़ित पक्ष ने कलेक्टर को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि न्यायालय और एसडीएम के आदेशों के बावजूद तहसीलदार एवं संबंधित राजस्व अमले ने सीमांकन नहीं कराया। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई बार आवेदन और निवेदन करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उसे लगातार परेशानी और नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पीड़ित ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने तथा तत्काल सीमांकन कराने की मांग की है।
अब यह मामला प्रशासन के लिए भी परीक्षा बन गया है कि न्यायालय और एसडीएम के आदेशों का पालन सुनिश्चित कर जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
(नोट: यह खबर उपलब्ध दस्तावेजों और आवेदन में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
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