मक्का-मदीना से लौटे हाजियों का ऐतिहासिक इस्तकबाल, रेलवे स्टेशन बना जश्न का केंद्र
45 दिनों की हज यात्रा कर बुरहानपुर लौटे हाजी रेलवे स्टेशन पर अपनों की दुआओं और फूलों से हुआ गर्मजोशी से स्वागत।
बुरहानपुर सोहेल अहमद :- मक्का-मदीना की मुकद्दर और पाक हज यात्रा पर गए बुरहानपुर के हाजी 45 दिनों का रूहानी सफर पूरा कर शनिवार को सकुशल अपने वतन लौट आए हैं। जैसे ही हाजियों को लेकर ट्रेन बुरहानपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची वहां का नजारा बेहद भावुक और ऐतिहासिक हो गया।
अपने अजीजों को वापस पाकर परिजनों की आंखें खुशी से छलक उठीं। फूलों की मालाओं और अपनों की दुआओं के साथ स्टेशन पर हाजियों का बेहद गर्मजोशी और अदब से इस्तकबाल किया गया।
45 दिन की इस मुकद्दर यात्रा से लौटे मुख्य यात्रियों में क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षक सैयद सफीक, नजमा बानो, मुस्तफा सर, अजहर उद्दीन और राजीया बानो शामिल हैं।
हज यात्रा से लौटे शिक्षक सैयद सफीक जो बुरहानपुर सीमा से सटे महाराष्ट्र के खनापुर शासकीय स्कूल में पदस्थ हैं उन का स्वागत करने के लिए स्टेशन पर भारी संख्या में लोग पहुंचे थे हवाई अड्डे से लेकर बुरहानपुर स्थित उनके निवास स्थान तक, रास्ते भर उन पर पुष्प वर्षा की गई और लोगों ने गले मिलकर उन्हें हज की मुबारकबाद दी।
देश की तरक्की और अमन-चैन के लिए मांगी दुआएं
इस भावुक मौके पर हाजी सैयद सफीक ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा यह मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत, मुकद्दर और रूहानी सफर था। अल्लाह का लाख-लाख शुक्र है कि पूरी यात्रा बेहद शांतिपूर्ण सुरक्षित और अच्छी रही। उन्होंने आगे बताया कि काबा शरीफ और मदीना पाक में उन्होंने व्यक्तिगत मन्नतों के साथ-साथ विशेष रूप से अपने देश की तरक्की, आपसी भाईचारे, अमन और चैन के लिए खास दुआएं मांगी हैं।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जिस गर्मजोशी और मोहब्बत से आज बुरहानपुर की सरजमीं पर हमारा स्वागत हुआ है, हम सभी शुभचिंतकों और शहरवासियों के तहे दिल से शुक्रगुजार हैं। स्टेशन से लेकर घर तक स्वागत का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
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