कागज नगरी नेपा की हरित पहल: पर्यावरण संरक्षण को लेकर फिर दिखी प्रतिबद्धता
कागज नगरी की हरित चेतना: नेपा में वृक्षारोपण नहीं, पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प
सूर्यपुत्री सरल सलिला माँ ताप्ती के पावन तट और सतपुड़ा की हरित वादियों के मध्य बसी कागज नगरी नेपानगर प्रकृति और औद्योगिक विकास के संतुलित सहअस्तित्व का एक प्रेरक उदाहरण है। दशकों से सहेजी गई हरियाली, स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य आज भी इसकी विशिष्ट पहचान बने हुए हैं। इस हरित विरासत को संरक्षित और समृद्ध बनाए रखने में नेपा लिमिटेड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
देश के अग्रणी कागज उत्पादक उपक्रमों में शामिल नेपा लिमिटेड पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी विशिष्ट प्रतिबद्धता के लिए भी जाना जाता है। यहां बिना किसी वृक्ष की कटाई किए मुख्य रूप से अपशिष्ट कागज के पुनर्चक्रण से गुणवत्तायुक्त एवं किफायती कागज का उत्पादन किया जाता है। इससे न केवल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बल मिलता है, बल्कि विदेशी मुद्रा की बचत तथा कागज उत्पादन के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय प्रयासों को भी मजबूती प्राप्त होती है।
नेपा परिवार में पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिवस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि कार्यसंस्कृति का हिस्सा है। विश्व पर्यावरण दिवस के अलावा वर्षभर अवसर मिलने पर बीजारोपण एवं वृक्षारोपण किया जाता है। यही कारण है कि वर्षों पहले लगाए गए पौधे आज विशाल वृक्षों का रूप लेकर इस हरित सोच की गवाही दे रहे हैं।
संस्थान की एक प्रेरक परंपरा यह भी है कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभागीय सम्मान के साथ एक पौधा भी भेंट किया जाता है। अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नरेश सिंह द्वारा दिया जाने वाला यह पौधा प्रकृति के प्रति सतत दायित्व और हरित भविष्य के संकल्प का संदेश देता है। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्य महाप्रबंधक एवं कारखाना प्रबंधक राम अलागेसन के मार्गदर्शन में प्रबंधक पेपर मशीन के.के. देशमुख एवं उनकी टीम द्वारा नेपा मिल परिसर में डीआईपी संयंत्र एवं पेपर मशीन के सामने स्थित बाबा की दरगाह वाली पहाड़ी सहित विभिन्न स्थलों पर व्यापक वृक्षारोपण किया गया।
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक एवं कारखाना प्रबंधक राम अलागेसन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी भी है। प्रत्येक लगाया गया पौधा स्वच्छ वायु, संतुलित जलवायु और स्वस्थ भविष्य की नींव है। उन्होंने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का भी आह्वान किया।
जनसंपर्क अधिकारी संदीप ठाकरे ने बताया कि नेपा लिमिटेड का यह अभियान पर्यावरण के प्रति दायित्व और आने वाली पीढ़ियों के प्रति उत्तरदायित्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा, "हम रहें या न रहें, लेकिन हमारे द्वारा लगाया गया प्रत्येक वृक्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षा कवच बनकर पर्यावरण की रक्षा करता रहे।" इसी संकल्प के साथ आम, नीम, पीपल, करंज सहित विभिन्न छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया, जो भविष्य में हरियाली, शुद्ध वायु और पर्यावरण संरक्षण के सशक्त आधार बनेंगे।इस वृक्षारोपण अभियान में सहायक प्रबंधक पेपर मशीन विजय भामरे, सहायक प्रबंधक पेपर मशीन प्रशांत सोनी, औद्योगिक संरक्षा एवं पेपर मशीन विभाग के दिलीप ठाकुर, अमर सिंह पवार, दिनेश कुमार, मनोज यादव, मनोज जवादे, कैलाश पानपाटिल, राहुल पटेल, प्रमोद साल्वे, संतोष गायकवाड़, मोहन सिंह, सोमेश महाजन, मुकेश पाटिल, भूषण गायकवाड़, जगदीश सोनी, राजकुमार सोनवने, राहुल राठौर, रविन्द्र पवार, नरेंद्र पाटिल, हरि प्रसाद, लीलाधर पाटिल तथा चंद्रकांत जाधव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में नेपा लिमिटेड के नर्सरी विभाग एवं वन विभाग का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
संदीप ठाकरे
जनसंपर्क अधिकारी
नेपा लिमिटेड
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