"33 लाख का गार्डन पहली बारिश में बना तालाब, वार्ड-11 में बह गई विकास की हकीकत!"
खबर प्रदीपसिंह
नेपानगर नगर के वार्ड क्रमांक-11 में केंद्र शासन की अमृत-2 योजना के अंतर्गत ग्रीन स्पेस पार्क के रूप में विकसित किए जा रहे गार्डन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। लगभग 33 लाख 80 हजार रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस गार्डन में पहली ही बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे पूरा परिसर तालाब में तब्दील नजर आया।
गौरतलब है कि 21 जून को मीडिया द्वारा इस गार्डन में बिना बारिश के ही पानी भरने की खबर प्रकाशित की गई थी। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी ने समस्या के निराकरण की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। बुधवार को हुई बारिश के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई तथा गार्डन पूरी तरह पानी से लबालब भर गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का अभाव है और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि पहली ही बारिश में गार्डन जलमग्न हो जाता है, तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग और निर्माण कार्यों की निगरानी में लापरवाही को दर्शाता है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी कौन कर रहा है और जनता के टैक्स के पैसे से किए जा रहे कार्यों की जवाबदेही तय कब होगी? क्षेत्रवासियों ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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