A description of my image rashtriya news कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में बड़े आदेश—पानी, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर फोकस! - Rashtriya News Khabre Desh Prdesh Ki

Header Ads

कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में बड़े आदेश—पानी, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर फोकस!

सिकलसेल एनीमिया बीमारी या केरियर वाहक वाले युवक-युवतियों के संभावित विवाह को रोका जाए।




हिटस्ट्रोक से बचाव के लिये अस्पतालों में क्लीनिक शुरू किये जाने के दिए निर्देश




संभागायुक्त डॉ. खाडे़ ने बोर्ड परीक्षाओं में जनजातीय क्षेत्रों में बेहतर परीक्षा परिणाम की सराहना की



इंदौर संभाग में 60 फीसदी से अधिक हुई गेहूं की खरीदी


जल गंगा संवर्धन अभियान में इंदौर संभाग का कार्य सराहनीय


सड़क दुर्घटनाओं को रोकने लिये सभी आवश्यक कदम सख्ती से उठाए जायें


संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में कलेक्टर्स कान्फ्रेंस सम्पन्न।
 संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में संभागायुक्त कार्यालय में आज कलेक्टर्स कान्फ्रेंस आयोजित की गई। कान्फ्रेंस में संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर श्री रिंकेश वैश्य, संयुक्त आयुक्त विकास श्रीमती शिवानी वर्मा, उपायुक्त विकास श्री पुरूषोत्तम पाटीदार, जनजातीय कार्य विभाग के उपायुक्त श्री ब्रजेशचन्द्र पाण्डे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। 


 बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने संभाग में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अब तक इंदौर संभाग में 60 फीसदी से अधिक समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी हुई है और आगामी दिनों में शेष लक्ष्य भी प्राप्त कर लिया जायेगा। 


संभाग के सभी उपार्जन केन्द्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है। बारदानों की कोई कमी नहीं है। ‍खरीदी केन्द्रों पर किसानों की सुविधाओं के लिये पेयजल, भोजन, तौलकांटा, छाया आदि सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करायी गई हैं।


 संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत संभाग में ‍‍विभिन्न प्रकार के कार्य किये जा रहे हैं। जैसे तालाबों का गहरीकरण, कुएं, बावड़ी की साफ-सफाई, जल भंडारण आदि शामिल है। 



संभागायुक्त ने इंदौर संभाग में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अभियान के तहत आगामी दिनों में स्कूलों, आंगनवाड़ियों और ग्राम पंचायतों की टंकियों की सफाई कर ली जायेगी। 


 संभागायुक्त डॉ. खाडे़ ने कलेक्टर्स को निर्देशित करते हुए कहा कि गर्मियों को देखते हुए अपने क्षेत्र में हैंडपम्पों का संधारण किया जाये। सभी को शुद्ध और पर्याप्त जल मिल सके, यह सुनिश्चित किया जाये। नगरीय क्षेत्रों में पेयजल गुणवत्ता एवं परीक्षण करायें। अमृत 2.0 योजना का समुचित प्रचार-प्रसार ‍किया जाये। 


जगह-जगह शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाये। डॉ. खाड़े ने कहा कि इस बार भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। खासकर मालवा और निमाड़ क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि और हिटस्ट्रोक होने की आशंका बनीक है। 



अत: हिटस्ट्रोक से बचाव के लिये संभाग के सभी जिला अस्पताल व सिविल अस्पतालों में हिटस्ट्रोक नियंत्रण क्लीनिक शुरू किये जाएं। लोगों को हिटस्ट्रोक से बचाव के तरीके बताये जाये। संभागायुक्त डॉ. खाडे़ ने कहा कि संभाग में जनजातीय समाज की बहुलता है। इस समाज में ‍सिकलसेल एनीमिया बीमारी से पीड़ितों की संख्या अधिक है। 



यह एक अनुवांशिक बीमारी भी है। इस बीमारी के उन्मूलन के लिये राज्य सरकार सतत प्रयास कर रही है। ‍सिकलसेल एनीमिया से पीड़ित लोगों के कार्ड बनाये जा रहे हैं। उनकी जांच की जा रही है। साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। वर्ष 2047 तक सिकलसेल एनीमिया का उन्मूलन करना है। 



डॉ. खाड़े ने कहा कि सिकलसेल एनीमिया बीमारी नई पीढ़ी में नहीं फैले, इसलिए इस बीमारी से पीड़ित युवक-युवतियों के मध्य वैवाहिक संबंधी नहीं ‍किये जाये। इसके लिये विशेष प्रचार-प्रसार के साथ ही सामूहिक विवाह आयोजनों में स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर प्रशासन द्वारा नवाचार किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि सिकलसेल बीमारी या केरियर वाहक वाले युवक-युवतियों के संभावित विवाह को रोका जाए। 


 डॉ. खाड़े ने कहा कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में इंदौर संभाग के कुछ जिलों के नतीजे बेहतर है। आलीराजपुर और झाबुआ में परीक्षा परिणाम गत वर्ष की तुलता में 10 फीसदी से अधिक बढ़ा है, जो सराहनीय है।



 अगले वर्ष भी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर नतीजे आये, इसके लिये अभी से प्रयास ‍किये जायें। स्पेशल कक्षाएं लगायी जाये। बच्चों की काउंसलिंग की जाये। जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर है, उनके लिये रेमेडियल कक्षाएं लगायी जायें। जनजातीय कार्य ‍विभाग तथा अनुसूचित जाति विकास द्वारा संचालित छात्रावासों और विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जाये।



 जनजाति वर्ग के बच्चों के लिये ग्रीष्मकालीन अवकाश में केरियर काउंसलिंग की व्यवस्था की जाये। संभाग के सभी जिलों में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाये। डॉ. खाड़े ने कहा कि सड़क हादसों से बचाव के लिये हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग के लिये अधिक से अधिक प्रचार ‍किया जाये।

 एनएचएआई /एमपीआरडीसी के सभी टोल गेट पर हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग को बढ़ावा ‍दिया जाये। वाहन चालकों को इनके उपयोग के प्रति जागरूक किया जाये। बिना हेलमेट या सीट बेल्ट वाले वाहनों पर टोल नाकों पर चिन्हांकित स्थलों पर आवश्यक कार्रवाई की जाये। सड़क सुरक्षा नियमों एवं चालन प्रक्रियाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाये। ब्लैक स्पॉट के आसपास संकेतक लगाये जायें। 


डॉ. खाड़े ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत ‍निरस्त दावों का ‍निराकरण किया जाये। बैठक में ओंकारेश्वर और महेश्वर में प्रस्तावित निर्माण कार्यों पर भी चर्चा हुई। विशेषकर अहिल्या लोक और ममलेश्वर मंदिर के विस्तार पर जोर दिया गया। 

 बैठक में डॉ. खाड़े ने कहा कि शासन द्वारा ‍विभागीय रूप से निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के लिये कार्य समयसीमा और गुणवत्ता के साथ सम्पन्न करें। ऐसी योजनाएं और कार्यक्रम बनायें, जिससे ‍किसानों को अधिक से अधिक लाभ हो। संभाग में नामांतरण, बंटवारा, बटांकन, सीमांकन और स्वामित्व योजनाओं के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें। भूमि अधिग्रहण और भू-अर्जन के प्रकरण समयसीमा में पूरा करें। 

कोई टिप्पणी नहीं

Blogger द्वारा संचालित.