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200 वर्ष पुरानी प्रसादी मूर्ति का होगा महाअभिषेक, देश-विदेश से उमड़ेंगे श्रद्धालु बुरहानपुर

श्री स्वामीनारायण मंदिर

पुरुषोत्तम मास प्रारंभ होते ही बुरहानपुर के विश्वविख्यात स्वामीनारायण मंदिर में होगा दिव्य अभिषेक महोत्सव।

पूरे संप्रदाय में केवल बुरहानपुर में एक माह तक होगा भगवान का विशेष अभिषेक, देश-विदेश से पहुंचेंगे श्रद्धालु।
बुरहानपुर रिपोर्ट गोपाल देवकर
अधिक पुरुषोत्तम मास के शुभारंभ के साथ ही बुरहानपुर के सिलमपुरा स्थित विश्वविख्यात स्वामीनारायण मंदिर बुरहानपुर में आध्यात्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। 
मंदिर में भगवान हरिकृष्ण महाराज देव एवं लक्ष्मीनारायण देव का विशेष अभिषेक होगा, जो पूरे एक माह तक लगातार होता रहेगा। स्वामीनारायण संप्रदाय में यह विशेष परंपरा केवल बुरहानपुर मंदिर में ही पूरे माह तक होगी, जिसके कारण देशभर के श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान आस्था का प्रमुख केंद्र होगा।
मंदिर की सबसे विशेष और आध्यात्मिक महत्ता उस दिव्य प्रसादी स्वरूप मूर्ति की होगी, जिसे लगभग 200 वर्ष पूर्व स्वयं भगवान स्वामीनारायण द्वारा छह माह तक पूजा-अर्चना करने के पश्चात भक्तों को प्रसादी रूप में प्रदान किया गया था। मंदिर में विराजित लक्ष्मीनारायण देव की यही प्रसादी मूर्ति पूरे पुरुषोत्तम मास में अभिषेक पूजा का केंद्र होगी।

अभिषेक के लिए ताप्ती नदी से पवित्र जल लाया जाएगा। परंपरा के अनुसार भगवान का अभिषेक केसर, शक्कर, फलों के रस, चंदन, दही, शुद्ध घी तथा लगभग 500 लीटर दूध से होगा। 

श्रद्धालु अपने घरों से भी दूध लेकर पहुंचेंगे और भक्तिभाव से भगवान का दुग्धाभिषेक करेंगे। अभिषेक के बाद बहने वाली दूध की धारा को श्रद्धालु तीर्थ स्वरूप ग्रहण करेंगे और अन्य भक्तों में वितरित करेंगे।

 मान्यता होगी कि इस पवित्र अभिषेक तीर्थ से गंभीर रोगों से मुक्ति मिलेगी और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।

मंदिर परिसर में सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी। गुजरात, मुंबई सहित देश के विभिन्न राज्यों से संतों और हरी भक्तों का आगमन होगा। 

अभिषेक के दौरान वैदिक ब्राह्मणों द्वारा 1600 मंत्रों का उच्चारण होगा, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर होगा।

अभिषेक के समय प्राचीन वाद्ययंत्रों और वाजंत्री की मधुर धुन गूंजेगी। वहीं आरती के दौरान पारंपरिक धुनों पर आधारित इलेक्ट्रॉनिक वाद्ययंत्रों का उपयोग होगा। इस अवसर पर 20 से अधिक संतों की उपस्थिति होगी।


मंदिर के मीडिया प्रभारी गोपाल देवकर ने जानकारी दी कि भगवान का अभिषेक और संतों का आशीर्वाद भक्तों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करेगा। 

उन्होंने बताया कि यहां का अभिषेक तीर्थ श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का विषय होगा और लोग इसे रोग निवारण तथा आध्यात्मिक शांति का माध्यम मानेंगे।


मंदिर महंत शास्त्री चिन्तनप्रियदासजी स्वामी ने बताया कि पूरे पुरुषोत्तम मास के दौरान प्रतिदिन सुबह 6:30 से 7:30 बजे तक भगवान का अभिषेक होगा। 

इसके पश्चात आरती होगी, कथा होगी और भक्तों को अधिक पुरुषोत्तम मास महात्म्य का रसपान कराया जाएगा। सुबह 9:30 बजे श्रृंगार आरती होगी।

उन्होंने कहा कि पुरुषोत्तम मास में आयोजित यह पाटोत्सव भक्तों में भक्ति, सेवा और संस्कारों की भावना जागृत करेगा। भगवान स्वामीनारायण की कृपा से यह दिव्य परंपरा वर्षों से निरंतर चलती रहेगी।
 
पूरे माह मंदिर में अभिषेक होगा, कथा होगी, मनोरथ होंगे और राज्योपचार की विशेष झलक भक्तों को देखने को मिलेगी। मंदिर को भव्य सजावट से सजाया जाएगा और दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी होंगी।

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