A description of my image rashtriya news वेतन पर टकराव तेज: 18 महीने के संघर्ष के बाद भी नहीं मिला हक, मजदूर यूनियन ने दी राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी! - Rashtriya News Khabre Desh Prdesh Ki

Header Ads

वेतन पर टकराव तेज: 18 महीने के संघर्ष के बाद भी नहीं मिला हक, मजदूर यूनियन ने दी राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी!

वेतन पर टकराव तेज: 18 महीने के संघर्ष के बाद भी नहीं मिला हक, मजदूर यूनियन ने दी राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी!


बुरहानपुर में टेक्सटाइल श्रमिकों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। संयुक्त कलेक्टर कार्यालय में बुरहानपुर मजदूर यूनियन और सैकड़ों प्रभावित श्रमिकों की जिला श्रम अधिकारी के साथ हुई अहम बैठक बेनतीजा रहने के बाद हालात और गरमा गए हैं। यूनियन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि श्रमायुक्त की अधिसूचना का पालन तुरंत नहीं हुआ तो पूरे जिले में कामबंद हड़ताल के साथ बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
बैठक में यूनियन ने 3 मार्च 2026 को श्रमायुक्त, मध्य प्रदेश (इंदौर) द्वारा जारी अधिसूचना के तहत 1 अप्रैल 2026 से लागू बढ़े हुए न्यूनतम वेतन और परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA) का तत्काल पालन कराने की मांग रखी। साथ ही अप्रैल 2024 से लंबित एरियर का भुगतान और टेक्सटाइल एसोसिएशन के साथ संयुक्त बैठक बुलाने की भी जोरदार मांग की गई।

यूनियन अध्यक्ष ठाकुर प्रियांक सिंह ने बैठक के बाद तीखी नाराजगी जताते हुए कहा कि “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतनी लंबी चर्चा के बावजूद जिला श्रम अधिकारी की ओर से कोई ठोस निर्णय या लिखित आश्वासन नहीं दिया गया। सिर्फ फाइल को उच्च अधिकारियों तक भेजने की बात कहकर मामले को टाल दिया गया, जिससे मजदूरों में भारी आक्रोश है।”
उन्होंने बताया कि नई अधिसूचना के अनुसार अकुशल श्रमिक को 12,425 रुपये, अर्द्धकुशल को 13,421 रुपये, कुशल को 15,144 रुपये और उच्चकुशल को 16,769 रुपये प्रतिमाह (VDA 2,850 रुपये सहित) मिलना अनिवार्य है। इसके बावजूद आज तक श्रमिकों को उनका हक नहीं मिला।
प्रियांक सिंह ने कहा कि मजदूर पिछले 18 महीनों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं—हड़ताल, ज्ञापन, प्रदर्शन और यहां तक कि हाईकोर्ट में याचिका तक दाखिल की गई, लेकिन अब भी न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द एरियर सहित वेतन भुगतान और संयुक्त बैठक नहीं हुई, तो बुरहानपुर में बड़े स्तर पर कामबंद हड़ताल और राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

यूनियन प्रतिनिधि रुपेश वर्मा, बंटी अंकारे और जुनैद अली ने भी प्रशासन पर उद्योगपतियों के पक्ष में खड़े होने का आरोप लगाया। उन्होंने श्रमिकों से एकजुट रहने और हर परिस्थिति में आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील की।
फिलहाल बुरहानपुर में मजदूरों का आक्रोश चरम पर है और अब सबकी निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

कोई टिप्पणी नहीं

Blogger द्वारा संचालित.