सरकारी योजना से बदली किस्मत: बुरहानपुर में ‘Eat Banana’ ब्रांड की देशभर में पहचान
कृषक कल्याण वर्ष
पीएमएफएमई योजना बनी जिले के युवा उद्यमियों की सफलता का आधार
बुरहानपुर के कपिल स्थानीय उत्पादों से बना रहे है हेल्दी ‘‘बनाना मिलेट्स कुकीज’’
योजना अंतर्गत जिले में 437 प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित
बुरहानपुर/- कृषक कल्याण वर्ष अंतर्गत प्रदेश में स्थानीय कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का सतत् एवं प्रभावी प्रयास किया जा रहा है। शासन की मंशा है कि किसान और युवा उद्यमी केवल कच्चा माल बेचने तक सीमित न रहें, बल्कि उत्पाद को प्रसंस्करण के माध्यम से ब्रांड बनाकर बाजार तक पहुंचाएं और अपनी पहचान स्थापित करें। ऐसा ही एक प्रेरणादायक संदेश बुरहानपुर जिले के युवा उद्यमी कपिल सावले ने प्रस्तुत किया है।
नौकरी छोड़ अपने जिले में शुरू किया उद्यम
कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का लाभ लेकर जिले के एमबीए शिक्षित युवा कपिल सावले ने बनाना मिलेट्स कुकीज का कार्य शुरू कर आत्मनिर्भरता के साथ अपनी पहचान बनाई है।
स्वयं की यूनिट स्थापित करने से पूर्व कपिल इंदौर में एक निजी मोबाइल कंपनी में कार्य करते थे। लेकिन अपने गृह जिला बुरहानपुर में केले की अधिक पैदावार और प्रसंस्करण को देखकर उन्होंने इस क्षेत्र में कुछ नया, उपयोगी और नवाचारपूर्ण करने का निर्णय लिया।
पीएमएफएमई योजना से मिली आर्थिक सहायता
एक जिला-एक उत्पाद अंतर्गत बुरहानपुर जिले में केला फसल को चयनित किया गया है। पीएमएफएमई योजना के तहत उद्यानिकी विभाग द्वारा 437 उद्यमियों का बैंक से लोन स्वीकृत कराकर अलग-अलग खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित की गयी हैं।
कपिल बताते हैं कि उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में योजना अंतर्गत आवेदन किया। योजना के तहत 10 लाख रुपये की लागत से यूनिट की स्थापना की गयी जिसमें 3.50 लाख रुपये अनुदान के रूप में प्राप्त हुए। सहयोग राशि से जनवरी 2025 में ‘‘कल्पना बनाना प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज’’ की स्थापना की गयी, जिससे स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण को नई गति मिली।
ब्रांड "Eat Banana" के साथ हेल्दी उत्पादों की शुरुआत
कपिल बताते हैं कि "Eat Banana" ब्रांड के नाम से उन्होंने ‘‘बनाना मिलेट्स कुकीज’’ तैयार करना शुरू किया। तकनीकी सहयोग के लिए तमिलनाडु राज्य में स्थित नेशनल रिसर्च सेन्टर फॉर बनाना में प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन लिया। यूनिट में उपयोग होने वाली आधुनिक मशीनें इंदौर एवं मुंबई से लायी गयी हैं।
यूनिट में कुकीज बनाने के लिये केला पाउडर के साथ मक्का और बाजरा के आटे का उपयोग किया जाता है। इससे यह कुकीज खाने में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ फाइबर, आयरन और कैल्शियम से भरपूर पोषक उत्पाद बनती हैं। खास बात यह है कि कच्चा माल स्थानीय किसानों से खरीदा जाता है, जिससे उन्हें भी अपनी फसल का बेहतर और उचित मूल्य प्राप्त होता है।
स्थानीय स्तर से बड़े बाजारों तक पहुंच
यूनिट में बनाना मिलेट्स कुकीज के 70 ग्राम तथा 200 ग्राम के पैकेट तैयार किये जाते हैं, जिनका मूल्य क्रमशः 20 रुपये और 150 रुपये है। यह उत्पाद स्थानीय बाजारों के साथ-साथ इंदौर, मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। इस उद्यम से कपिल को 35-40 लाख रुपये की सालाना आय प्राप्त हो रही है तथा शुद्ध मुनाफा लगभग 10-11 लाख रुपये तक हो रहा है। कपिल स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ 5 से अधिक लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। आज के युवा स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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