कुंदन चौपाटी पर बड़ा खुलासा: दो साल में कॉकरोच से लेकर बाल तक, फिर भी कार्रवाई नहीं!
बुरहानपुर
जिला ब्यूरो नवीन आड़े
बुरहानपुर: शहर के व्यस्ततम इलाके में स्थित 'कुंदन चौपाटी' (निरवधि) होटल में स्वच्छता के मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं।
एक जागरूक ग्राहक की प्लेट में निकले 'बाल' ने न केवल होटल के किचन की गंदगी को उजागर किया है, बल्कि जिले के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
घटना: समोसे में निकले बाल, स्टाफ का जवाब- "हो जाता है!"
पीड़ित राहुल दीक्षित ने जब होटल में समोसा और पोहा ऑर्डर किया, तो उनके होश उड़ गए। समोसे के भीतर से बाल निकले। जब इसकी शिकायत की गई, तो होटल स्टाफ ने बड़ी ही संवेदनहीनता के साथ कहा कि "समोसे बाहर की दुकान से बनकर आते हैं, ऐसा अक्सर हो जाता है।" यह बयान होटल प्रबंधन की उस लापरवाही को दर्शाता है जहाँ ग्राहकों की सेहत उनके लिए कोई मायने नहीं रखती।
जिला खाद्य अधिकारी की कार्यशैली पर 'तीखे' सवाल
इस पूरी घटना के बाद आम जनता के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला खाद्य अधिकारी और उनकी टीम आखिर कर क्या रही है ?
नियमित निरीक्षण का अभाव:
क्या विभाग केवल त्योहारों पर खानापूर्ति के लिए सैंपल भरता है? आम दिनों में होटलों के किचन की गंदगी प्रशासन को क्यों नहीं दिखती ?
होटल की मनमानी को किसका संरक्षण ?: कुंदन चौपाटी जैसे नामी होटलों में बार-बार ऐसी शिकायतें आने के बावजूद, विभाग सख्त कार्रवाई करने के बजाय मौन क्यों साधे हुए है ?
जिम्मेदार कौन ?:
यदि दूषित खाना खाने से किसी नागरिक को गंभीर फूड पॉइजनिंग होती है, तो क्या जिला खाद्य अधिकारी इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेंगे?
"दो साल पहले इसी होटल के दही-बड़े में कॉकरोच मिला था, और आज समोसे में बाल निकले हैं। प्रशासन की ढील के कारण ही इन होटल संचालकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे हमारी जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।" — राहुल दीक्षित, पीड़ित ग्राहक।
प्रशासन के लिए चेतावनी: अब कागजों से बाहर निकलिए !
खबर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। अब समय आ गया है कि प्रशासन एसी कमरों से बाहर निकलकर इन होटलों के किचन का 'अंधेरा' देखे।
पीड़ित की मांग:
इस घटना पर तत्काल होटल संचालक पर कारवाई की जाए। उक्त होटल के लाइसेंस की तुरंत समीक्षा की जाए।
खाद्य विभाग की एक विशेष टीम औचक निरीक्षण कर स्वच्छता की रिपोर्ट सार्वजनिक करे।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय हो।
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