विद्यालय में भारतीय डाक विभाग की ओर से पत्र लेखन प्रतियोगिता उत्साह के साथ संपन्न
पिंपळगाव सराई (प्रतिनिधि): डिजिटल युग में मानवीय रिश्तों के महत्व को उजागर करने के उद्देश्य से भारतीय डाक विभाग की ओर से आयोजित पत्र लेखन प्रतियोगिता जनता विद्यालय, पिंपळगाव सराई में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। इस प्रतियोगिता में विद्यालय के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
प्रतियोगिता का विषय “डिजिटल दुनिया में मानवीय संबंधों का महत्व” रखा गया था। विद्यार्थियों ने अपने विचार, भावनाएं और अनुभवों को प्रभावशाली ढंग से पत्र के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए मानवीय रिश्तों की अहमियत को उजागर किया।
प्रतियोगिता से पहले विद्यालय की ओर से उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर सतीश निकम (सहायक अधीक्षक, भारतीय डाक विभाग, बुलढाणा) तथा अंकुश कमळसकर (उप डाकपाल, चैतन्यवाड़ी, बुलढाणा) का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।
इस दौरान सतीश निकम ने कहा कि “मोबाइल के दौर में खोती जा रही अक्षरों की मिठास को फिर से जीवित करने के लिए पत्र लेखन सबसे अच्छा माध्यम है।”
वहीं अंकुश कमळसकर ने अपने संबोधन में कहा कि “पत्र लेखन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि मन के विचारों को शब्दों में व्यक्त करने और कल्पनाशक्ति को विकसित करने की एक उत्कृष्ट कला है।”
विद्यालय के प्राचार्य प्रमोद ठोंबरे ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि पत्र लेखन से विद्यार्थियों की लेखन क्षमता का विकास होता है और उन्हें अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के पर्यवेक्षक संजय पिवटे ने किया, जबकि गजानन पाटोळे (वरिष्ठ शिक्षक) ने आभार व्यक्त किया। इस प्रतियोगिता का विद्यालय स्तर पर नियोजन रवींद्र खांनंदे ने किया।
विद्यार्थियों के उत्साहपूर्ण सहभाग के कारण प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई। उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों की लेखन क्षमता और रचनात्मकता को बढ़ावा मिलता है।
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