ग्राम चाकबारा में आग का तांडव: दो भाइयों के सिर से छिनी छत, राख के ढेर में बदली बरसों की गृहस्थी
ग्राम चाकबारा में आग का तांडव: दो भाइयों के सिर से छिनी छत, राख के ढेर में बदली बरसों की गृहस्थी"
"बुरहानपुर अग्निकांड: सब कुछ गंवा चुके महाजन परिवार ने लगाई शासन से गुहार, आर्थिक मदद की उम्मीद"
बुरहानपुर
जिला ब्यूरो नवीन आड़े
बुरहानपुर। जिला मुख्यालय के समीप ग्राम चाकबारा में बीते दिन एक भीषण अग्निकांड ने दो परिवारों की मेहनत की कमाई को पल भर में राख कर दिया। शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी इस आग में योगेश सीताराम महाजन और रवींद्र राजाराम महाजन के घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आर्थिक रूप से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
धुएं के गुबार के बीच ग्रामीणों का संघर्ष
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आग की लपटें देख गांव के लोग मदद के लिए दौड़े और अपने स्तर पर आग बुझाने का भरसक प्रयास किया। जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक घर के अंदर रखा सारा सामान—अनाज, कपड़े, दस्तावेज और गृहस्थी की हर जरूरी वस्तु—राख के ढेर में बदल चुकी थी।
खुले आसमान के नीचे आया परिवार
इस अग्निकांड ने योगेश और रवींद्र के परिवार के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा कर दिया है। पीड़ित परिवार ने बताया कि:
घर में रखा साल भर का अनाज जल गया है।
तन ढकने के लिए कपड़ों तक का इंतजाम नहीं बचा।
घर की पूरी संरचना जलने से अब रहने का ठिकाना नहीं है।
ग्रामवासियों ने तात्कालिक रूप से परिवार की सहायता की है, लेकिन घर को दोबारा खड़ा करने के लिए यह नाकाफी है।
शासन-प्रशासन से मदद की गुहार
प्रभावित महाजन परिवार ने जिला प्रशासन और शासन से विनम्र अपील की है कि उन्हें उचित मुआवजा और तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। परिवार का कहना है कि शासन की मदद ही अब उनके जीवन को वापस पटरी पर ला सकती है। ग्रामीणों ने भी मांग की है कि पटवारी और संबंधित अधिकारी मौके का मुआयना कर नुकसान का आकलन करें ताकि पीड़ित भाइयों को जल्द राहत मिल सके।
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