तेज रफ्तार का कहर: मंडला जिले में सड़कें बनीं मौत का रास्ता
तेज रफ्तार का कहर: मंडला जिले में सड़कें बनीं मौत का रास्ता
नैनपुर | मंडला
मंडला जिले में तेज रफ्तार अब सीधे ज़िंदगी पर भारी पड़ रही है। हर दिन सड़कें निर्दोष लोगों की जान ले रही हैं। हालात ऐसे बन चुके हैं कि सड़क हादसों के मामलों में मंडला अब महानगरों को भी पीछे छोड़ता नजर आ रहा है। ये सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि प्रशासनिक नाकामी, लचर व्यवस्था और सिस्टम की सुस्ती का जीता-जागता सबूत हैं। पुलिस, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के तमाम दावे इन हादसों के आगे बौने साबित हो रहे हैं।
कजरवाड़ा रेल फाटक पर मौत की टक्कर, पूजा की तैयारी मातम में बदली
प्राप्त जानकारी के अनुसार कल देर शाम करीब 7 बजे कजरवाड़ा रेल क्रॉसिंग के पास एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया।
चिरई डोंगरी रेलवे मानेगांव निवासी केशराम जांगेला (50 वर्ष) अपने साथी यशवंत ठाकुर के साथ बम्हनी बंजर मुकुट व पूजा सामग्री लेने जा रहे थे। गांव मानेगांव में गणेश पूजा प्रारंभ होने के कारण यह जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी।
जैसे ही दोनों कजरवाड़ा क्रॉसिंग पहुंचे, एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे में केशराम जांगेला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई—सिर बुरी तरह फट गया। वहीं यशवंत ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके पैर में फ्रैक्चर बताया जा रहा है।
हादसे के बाद फरार: महाराष्ट्र नंबर की बुलेरो पिकअप संदेह के घेरे में
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर मारने वाला वाहन महाराष्ट्र नंबर की बुलेरो पिकअप थी।
हादसे के बाद वाहन ग्राम अमझर की ओर भागा। डर के मारे चालक ने गांव और जंगल के पास, जहां निर्माण कार्य चल रहा है, वाहन छोड़ दिया और फरार हो गया।
फिलहाल बम्हनी बंजर पुलिस यह जांच कर रही है कि बरामद वाहन ही इस हादसे का कारण था या नहीं।
चिरई डोंगरी रेलवे बना ‘डेथ ज़ोन’, रात होते ही बढ़ता खतरा
चिरई डोंगरी रेलवे क्षेत्र अब पूरी तरह एक्सीडेंटल जोन में तब्दील हो चुका है।
रात के समय बम्हनी बंजर और इंद्री की ओर से आने वाले डंफर, ट्रैक्टर और अन्य भारी वाहन खुलेआम मौत बनकर दौड़ रहे हैं।
घटना के बाद रात करीब 9 बजे हालात और भी चौंकाने वाले नजर आए—
एक ओर डंफर-ट्रैक्टर की बेतहाशा आवाजाही, तो दूसरी ओर गांव में खुलेआम शराबखोरी।
गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले अवैध शराब की बिक्री साफ देखी जा सकती है।
जनता की सड़क, राज रेत माफियाओं का
चिरई डोंगरी रेलवे से पाला सुंदर और डिठौरी सड़क मार्ग पर बिना रॉयल्टी के रेत से भरे भारी डंफर बेखौफ गुजर रहे हैं।
यह सड़क जनता की लंबे समय की मांग पर बड़ी मुश्किल से बनी थी।
तीन माह पहले इसी मार्ग पर एक राहगीर को अज्ञात डंफर ने कुचल दिया था, लेकिन इसके बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ।
खनिज विभाग कटघरे में: वेतन किस बात का?
- मंडला जिले में खनिज विभाग आखिर किस उद्देश्य से काम कर रहा है—यह बड़ा सवाल बन चुका है।
- सरकार वेतन दे रही है, लेकिन अधिकारी और कर्मचारी डंफर-ट्रैक्टर माफियाओं के सामने बेबस और नतमस्तक नजर आते हैं।
- वन विभाग, राजस्व, पुलिस और खनिज—सबकी जिम्मेदारी के बीच हर दिन सैकड़ों डंफर निकल रहे हैं।
- “यह खनिज विभाग का काम है।”
- खनिज विभाग का जवाब—
- “मेरे पास अमला नहीं है।”
- हकीकत यह है कि रेत माफिया और खनिज विभाग का बेमेल गठजोड़ हर दिन नई घटनाओं को जन्म दे रहा है।
- सड़कें टूट रही हैं, जानें जा रही हैं और सिस्टम मूकदर्शक बना हुआ है।
अब सब्र टूटा: गांवों में उबाल, आंदोलन के संकेत
लगातार हो रही मौतों और प्रशासनिक चुप्पी से गांवों में आक्रोश तेजी से बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों का साफ कहना है—
“अब चुप नहीं बैठेंगे। रेत माफियाओं और लापरवाह सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।”
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