11 दिनों में लौट आई नन्ही सोनिया की मुस्कान
11 दिनों में लौट आई नन्ही सोनिया की मुस्कान
मंडला, 6 फरवरी 2026
मंडला जिले के छोटे से गाँव कोंडरा में रहने वाले एक परिवार के लिए वह दिन चिंता से भरा था, जब उनकी 2 माह की नन्ही सोनिया कमजोर होती जा रही थी। जन्म के समय मात्र 1.400 किलोग्राम वजन के साथ इस दुनिया में आई सोनिया, अति कुपोषण से जूझ रही थी और माँ का दूध भी ठीक से नहीं पी पा रही थी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सजगता से सोनिया को जिला चिकित्सालय मंडला के पोषण पुनर्वास केन्द्र लाया गया। यहाँ से शुरू हुई एक उम्मीद भरी यात्रा। एनआरसी प्रभारी डॉक्टर डॉ. कमलेश ठाकुर एवं समर्पित स्टाफ की देखरेख में सोनिया का उपचार एनआरसी गाइडलाइन के अनुसार किया गया। माँ को स्नेह और धैर्य के साथ स्तनपान के लिए प्रोत्साहित किया गया और कंगारू मदर केयर के माध्यम से नन्ही जान को माँ की गर्माहट और सुरक्षा मिली।
दिन बीतते गए, वजन बढ़ता गया और सोनिया की आँखों में चमक लौट आई। 11 दिनों की मेहनत, देखभाल और प्यार के बाद सोनिया पूरी तरह स्वस्थ हो गई। डिस्चार्ज के समय उसका वजन 2.290 किलोग्राम था और वह सफलतापूर्वक स्तनपान कर रही थी।
जब सोनिया अपने घर लौटी, तो उसके साथ सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियाँ भी लौटीं। सोनिया के पिता की आँखों में राहत और चेहरे पर मुस्कान थी। उन्होंने कहा कि पोषण पुनर्वास केन्द्र में उनकी बच्ची को नया जीवन मिला, जिसके लिए वे शासन, प्रशासन और अस्पताल की पूरी टीम के आभारी हैं।
यह कहानी सिर्फ एक बच्ची के स्वस्थ होने की नहीं, बल्कि समय पर मदद, संवेदनशील व्यवस्था और मानवीय देखभाल से जन्मी खुशियों की दास्तान है।
rashtriya news

कोई टिप्पणी नहीं