A description of my image rashtriya news प्रसूति माताओं और कुपोषित बच्चों की थाली संकट में, 16 माह से भुगतान अटका - Rashtriya News Khabre Desh Prdesh Ki

Header Ads

प्रसूति माताओं और कुपोषित बच्चों की थाली संकट में, 16 माह से भुगतान अटका

 

प्रसूति माताओं और कुपोषित बच्चों की थाली संकट में, 16 माह से भुगतान अटका 

नैनपुर. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सिविल अस्पताल नैनपुर में प्रसूति हितग्राहियों और पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों एवं माताओं को भोजन उपलब्ध कराने वाली महिला स्वसहायता समूह की सेवाएं गंभीर संकट में आ गई हैं। पिछले 16 माह से भोजन आपूर्ति का भुगतान न होने के कारण समूह की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे मरीजों की थाली पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।

जानकारी अनुसार सहस्त्रबाहु आजीविका महिला स्वसहायता समूह जो गत तीन वर्षों से अस्पताल में सफलता पूर्वक भोजन आपूर्ति का कार्य कर रहा था, समूह ने बताया कि उन्हें अगस्त 2024 से लेकर अब तक का भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। समूह का लगभग 8 से 9 लाख रुपये का भुगतान स्वास्थ्य विभाग के पास लंबित है।

समूह की अध्यक्ष रमा जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण की परिकल्पना ही अब इन गरीब वर्ग की महिलाओं को भारी कर्ज और परेशानी में धकेल रही है। भुगतान न होने के कारण समूह की महिलाओं को भोजन बनाने के लिए आवश्यक कच्चा माल, ईंधन और रसोइया का वेतन चुकाने के लिए अपने निजी जेवर तक गिरवी रखने पड़े हैं। आज स्थिति यह है कि न रसोइयों को वेतन दिया जा सकता है, न ही भोजन के लिए कच्चा माल खरीदा जा सकता है।

व्यापारियों ने दिया उधारी देने से इनकार 

लगातार भुगतान न होने के कारण समूह पर व्यापारियों की पुरानी उधारी का बोझ बढ़ता जा रहा है। समूह सदस्यों का कहना है कि अब स्थानीय व्यापारियों ने भी आगे उधारी पर राशन या सामग्री देने से साफ मना कर दिया है, जिससे भोजन तैयार करने के लिए जरूरी सामग्री भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। गिरवी रखे जेवर भी अब डूबने की कगार पर हैं।

8 दिसंबर से सेवा बंद करने का अल्टीमेटम 

समूह ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को कई बार भुगतान के संबंध में निवेदन किया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिला। समूह की बैठक में यह कड़ा निर्णय लिया गया है कि यदि लंबित भुगतान जल्द जारी नहीं होता है, तो वे मजबूरीवश आगामी 8 दिसंबर से सिविल अस्पताल में भोजन आपूर्ति का कार्य बंद कर देंगे। समूह इस संबंध में एक औपचारिक आवेदन अस्पताल प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों को सौंपने की तैयारी कर रहा है।

बच्चों पर पड़ेगा असर 

बताया गया कि यदि समूह अपनी सेवा बंद करता है, तो इसका सीधा और गंभीर असर प्रसूति वार्ड में भर्ती माताओं और पोषण पुनर्वास केंद्र में रह रहे कमजोर और कुपोषित बच्चों पर पड़ेगा, जिससे गंभीर अव्यवस्था पैदा हो सकती है। समूह की महिलाओं ने जिला प्रशासन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के वरिष्ठ अधिकारियों से जल्द से जल्द न्याय की गुहार लगाई है, जिससे वे सम्मानपूर्वक अपना कार्य जारी रख सकें और मरीजों की सेवा प्रभावित न हो।



कोई टिप्पणी नहीं

Blogger द्वारा संचालित.