108 पंडितों ने रूद्राभिषेक कर बड़े दादाजी की पादुकाओं का दूध से कराया अभिषेक
स्थानीय नावघाटखेड़ी स्थित दादाजी धाम में श्रीश्री 1008 बड़े दादाजी का जन्मोत्सव रविवार को धूमधाम से मनाया। इस पर श्री छोटे सरकार के दर्शन करने के लिए राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, दुबई, अमेरिका सहित कई स्थानों से आए भक्त सुबह से लाइन में लगकर उनके आगमन की प्रतीक्षा कर रहे थे। छोटे सरकार अपने भक्तों के बीच पहुंचे तो पूरा परिसर दादाजी की जय, हरिहरजी की जय से गूंज उठा। कोविड 19 के कारण दादाजी भी मास्क पहनकर हेलमेट लगाए हुए थे। एक-एक करके मास्क पहनकर श्रद्धालुओं ने दादाजी के चरण छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस महोत्सव में शामिल होने के लिए सुबह से ही भक्त दादाजी धाम पहुंचने लगे थे तो कुछ भक्तों ने पिछले कुछ दिनों से ही दादाजी धाम पहुंचकर सात दिनी विष्णु पुराण कथा का लाभ लिया।
जन्मदिवस पर लगभग सुबह 10 बजे श्रीश्री छोटे सरकार ने श्रीश्री 1008 बड़े दादाजी का दर्शन लाभ लिया। इसके बाद 108 पंडितों ने रूद्र अभिषेक व बड़े दादाजी की चरण पादुकाओं का पूजन-अर्चन शुरू कराया। पूजन पंडितों के आचार्यात्व में छोटे सरकार ने दादाजी की पादुकाओं का पूजन कर दुग्धाभिषेक किया। करीब एक घंटे से भी अधिक समय तक चली इस पूजा के दौरान सभी भक्त मंदिर परिसर के बाहर खड़े होकर गुरु-शिष्य पूजन के साक्षी बने। पूजन की समाप्ति के बाद छोटे सरकार अपने भक्तों के बीच पहुंचकर अपने आसन पर विराजित हुए। सुबह से दर्शन की आस लगाकर बैठे भक्तों ने छोटे सरकार का आशीर्वाद प्राप्त किया। यह सिलसिला देरशाम तक चलता रहा। इसके बाद रात्रि 8 बजे महाआरती की गई। भंडारा प्रसादी का वितरण किया गया। इसमें भक्तों ने प्रसादी प्राप्त की।
दादाजी धाम में अन्य क्षेत्रों से आए भक्त दादाजी के भजन बजाकर थिरक रहे थे। दादाजी तुम्हारे प्यार ने हमें जीना सिखा दिया, चरणों में आपके में आ गई, झूठी है दुनिया किस काम की, पूजा भी नहीं आती में आपको कैसे मनाऊ, भजलो दादा जी नाम, भजलो हरिहर जी का नाम व अन्य भजन गाकर श्रद्धालु नृत्य कर रहे थे।
प्रदर्शनी : विंटेज कारें बनी आकर्षण का केंद्र
दिसंबर माह में होने वाले बड़े दादाजी के जन्मोत्सव के दौरान दादा दरबार संग्रहालय में रखी कारों को प्रदर्शनी के तौर पर रखा जाता है। इसमें सन 1926 से 1985 तक की विंटेज कारे मौजूद हैं। इसमें बेबी ऑस्टिन, बीयू 8, फोर्ड, मर्सिडीज बेंज व शेवरलेट कारें शामिल हैं। यह सभी विंटेज कार की श्रेणी में आती है। इसमें दादाजी विराजते थे। यह कारें बेहद पुरानी होने के साथ दुर्लभ भी है। विंटेज कार श्रद्धालुओं सहित आसपास के लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी थी।
धार्मिक कार्यों में लगाना चाहिए जीवन का समय
विष्णु पुराण के अंतिम दिन आचार्य श्री जगतगुरु मलुपीठाश्वर श्री राजेंद्रदास महाराज ने कहा मनुष्य को कथा जरूर सुननी चाहिए क्योंकि कथा से ही मोक्ष की प्राप्ति संभव है। पापों से मुक्ति मिलती है। मनुष्य को जीवन में कुछ समय धार्मिक कार्यों में भी लगाना चाहिए। इस दौरान क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचकर संत शिरोमणी मुलक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास महाराज से आशीर्वाद लिया। आचार्य राजेंद्रदास महाराज ने कृष्ण जन्म उत्सव कर रामचरित्र सुनाया। इसी के साथ विनय पत्रिका का 127 चंद्र सुना कर विष्णु पुराण का संक्षिप्त में वर्णन सुनाया। उन्होंने बताया इस ग्रंथ का सार यहीं है कि इस कलयुग में इस कलिकाल में भगवान नाम ही एक सहारा है। इस दौरान छप्पन भोग भी लगाया गया।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/khargone/news/108-pundits-did-rudrabhishek-and-anointed-the-grandparents-footwear-with-milk-128060543.html
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