आदिवासीयो ने अच्छी वर्षा की कामना का पर्व दुधबली मनाया
दीपक मेटकर 9826538351 आदिवासी समुदाय ने शुरू से ही प्रकृति की पुजा है,तथा प्रकृति को ही भगवान माना है।शायद इसी लिये । वर्षा ऋतु के आगमन से पहले आदिवासीयो द्वारा मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व दूधबली अमावस्या को मनाया जाता है जिसमे डेडर माता और गमनाय उत्सव कोरकू जनजाति समाज का एक आदर्श और अद्भुत परम्परागत त्यौहार है , जिसमें प्रकृति की रक्षा,एवं पर्यावरण को खुशहाल रखने एवं धरती माता को हरा भरा रखने हेतु प्रकृति की पूजा की जाती है और ईश्वर से प्रार्थना की जाती है कि प्रकृति की गोद हमेशा हरी भरी रहें ,ताकि प्रकृति के आचल में पलने वाले समस्त प्राणियों और जीवों का भरण पोषण होता रहें। और इस उत्सव के अवसर पर तरूण- तरुणाईयो द्वारा अच्छी वर्षा की कामना करते हुए सामूहिक गीत - गायन के साथ नृत्य भी किया जाता है,तथा घर घर जा कर नेग मांगा जाता है।इस दिन हिन्दू परम्परा के अनुसार प्रत्येक घर मे सेंवय्या एवं आम का रस भोजन के रूप में ग्रहण किया जाता है।
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