एसडीएम के आदेश और तहसीलदार की टीप भी बेअसर! नेपानगर में अतिक्रमण पर कार्रवाई का इंतजार, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
नेपानगर अतिक्रमण हटाने के मामले में जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे विभाग? कार्रवाई के बाद दोबारा अतिक्रमण न हो, यह सुनिश्चित करना भी जरूरी
रिपोर्ट रोहित यादव
बुरहानपुर नगर पालिका परिषद नेपानगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा अतिक्रमण हटाकर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका द्वारा तहसीलदार से पत्राचार कर कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन और सहयोग मांगे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि निर्देशों और पत्राचार के बावजूद संबंधित स्थल पर कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
एसडीएम ने नगर पालिका को दिए थे निर्देश
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), उपखंड नेपानगर ने 20 अगस्त 2026 को पत्र क्रमांक 851 जारी किया था।
इसमें आवेदक अकलेश, पिता मनोज यादव, निवासी वार्ड क्रमांक 22, बीड़ रैयत, नेपानगर की शिकायत का उल्लेख करते हुए घर के मुख्य द्वार के सामने टप रखकर किए गए कथित अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही कार्रवाई कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया था।
नगर पालिका ने तहसीलदार को लिखा पत्र
इसके बाद नगर पालिका परिषद नेपानगर ने 27 अगस्त 2026 के पत्र क्रमांक 3238 का संदर्भ देते हुए 12 अक्टूबर 2026 को तहसीलदार नेपानगर को पत्र भेजा। पत्र में राजस्व भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए तहसीलदार से आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया गया। नगर पालिका ने यह भी कहा कि कार्रवाई के दौरान निकाय का अमला सहयोग के लिए उपलब्ध रहेगा।
इस पत्राचार से यह सवाल उठ रहा है कि जब एसडीएम द्वारा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, तो मामले का निराकरण करने के लिए आगे की प्रक्रिया समय पर क्यों पूरी नहीं हुई?
तहसीलदार की टीप के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसीलदार द्वारा संबंधित पत्र पर अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की टीप लिखकर हस्ताक्षर किए जाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद नगर पालिका की ओर से कार्रवाई किए जाने की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अधिकारी मौके पर कब कार्रवाई करते हैं और इसकी जिम्मेदारी किस विभाग की होगी।
हटे हुए अतिक्रमण की दोबारा पुनरावृत्ति न हो
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यदि संबंधित स्थल से अतिक्रमण हटाया जाता है, तो यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि भविष्य में उसी स्थान पर दोबारा अतिक्रमण न हो। इसके लिए संबंधित विभाग को स्थल का निरीक्षण, नियमानुसार कार्रवाई और आवश्यक निगरानी करनी चाहिए, ताकि शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
राजनीतिक दबाव की आशंका, निष्पक्ष जांच की मांग
मामले में राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना आवश्यक है।
जिम्मेदारी तय करे प्रशासन
अब सवाल यह है कि एसडीएम के निर्देश, नगर पालिका के पत्राचार और तहसीलदार की टीप के बाद भी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं है? प्रशासन को मामले की समयबद्ध समीक्षा कर जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। साथ ही, यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है, तो उसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी उचित कदम उठाए जाने चाहिए।
फिलहाल मामले में नगर पालिका परिषद नेपानगर और राजस्व विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
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