22 से 24 अक्टूबर तक सजेगा बालाजी मेला, अर्चना चिटनिस ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा
भगवान श्री बालाजी मेले की तैयारियों को लेकर अर्चना चिटनिस ने किया स्थल निरीक्षण।
बुरहानपुर। सूर्यपुत्री मां ताप्ती के पावन तट स्थित सतियारा घाट पर 22, 23 एवं 24 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले भगवान श्री बालाजी महाराज के भव्य मेले की तैयारियों को लेकर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, मेला समिति के सदस्यों एवं भक्तों के साथ मेला स्थल का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा, वाहनों की पार्किंग, सुगम आवागमन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए दो अलग-अलग मंच, दुकानों के व्यवस्थित नियोजन, स्वच्छता, प्रकाश एवं पेयजल सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को भगवान श्री बालाजी महाराज के दर्शन करने में सुविधा हो और मेला सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हो।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि भगवान श्री बालाजी महाराज का मेला बुरहानपुर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और जनसहभागिता का महत्वपूर्ण आयोजन है। इस मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले की तैयारियों में श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दी जाए।
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं एवं वाहनों की संभावित संख्या को ध्यान में रखते हुए श्रीमती चिटनिस ने पार्किंग व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहनों की पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थलों का चयन कर वहां आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। पार्किंग स्थलों से मेला परिसर तक पहुंचने वाले मार्गों का नियोजन इस प्रकार किया जाए कि यातायात बाधित न हो और जाम की स्थिति निर्मित नहीं हो। साथ ही पैदल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी सुरक्षित एवं सुगम मार्ग सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्रीमती चिटनिस ने मेला स्थल पर लगने वाली दुकानों के लिए व्यवस्थित ले-आउट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को निर्धारित स्थान उपलब्ध कराए।
मेला स्थल को प्लास्टिक मुक्त बनाना मां ताप्ती की सेवा का महत्वपूर्ण स्वरूप
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने मेला स्थल को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ’’मां ताप्ती के पावन तट पर आयोजित होने वाले इस धार्मिक मेले को प्लास्टिक मुक्त बनाना मां ताप्ती की सेवा का ही एक महत्वपूर्ण स्वरूप है।
मां ताप्ती का तट हमारी धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा है। इसकी स्वच्छता एवं पवित्रता बनाए रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री बालाजी महाराज के मेले में श्रद्धा और भक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी दिखाई देना चाहिए। इसके लिए सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित किया जाए तथा उसके स्थान पर कपड़े के थैली और अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को प्रोत्साहित किया जाए। दुकानदारों एवं श्रद्धालुओं को भी प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के लिए जागरूक किया जाए।
श्रीमती चिटनिस ने मेला स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में कचरा संग्रहण के लिए समुचित व्यवस्था करने, नियमित सफाई कराने और एकत्रित कचरे का उचित निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखने के साथ-साथ स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहना भी हमारी जिम्मेदारी है। ’’मां ताप्ती के तट को स्वच्छ रखना और उसे प्लास्टिक मुक्त बनाना मां ताप्ती के प्रति हमारी श्रद्धा को सेवा के रूप में अभिव्यक्त करने का अवसर है।’’ मेले के दौरान और आयोजन के बाद भी घाट एवं आसपास का क्षेत्र स्वच्छ एवं सुंदर बना रहे, इसके लिए सभी संबंधित विभाग और आयोजन से जुड़े लोग मिलकर कार्य करें।
निरीक्षण के दौरान श्रीमती चिटनिस ने मेला स्थल की तत्काल साफ-सफाई कराने, मैदान को समतल करने, आवश्यक रंग-रोगन कराने तथा पर्याप्त विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शाम के समय भी श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए मेला परिसर, घाट के आसपास तथा प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए। उन्होंने पेयजल की उपलब्धता, नियमित सफाई, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ताप्ती नदी के तट पर कीट-पतंगों से होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए आवश्यक उपाय करने तथा पूरे क्षेत्र में साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया।
श्रीमती चिटनिस ने जनपद पंचायत, विद्युत विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों से जैनाबाद की ओर से आने वाले ग्रामीण श्रद्धालुओं के लिए मार्ग की समुचित व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्गों की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु आसानी से मेला स्थल तक पहुंच सकें। मेले के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त रोशनी, सुगम रास्ते और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ बुरहानपुर की सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक सहभागिता का भी प्रतीक है। सभी के सहयोग से मेले को व्यवस्थित बनाने, श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने तथा मां ताप्ती के पावन तट को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त रखने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने, मोहन बालाजीवाले, नगर पुलिस अधीक्षक विनोदसिंह कुशवाह, नगर निगमायुक्त संदीप श्रीवास्तव, चिंतामन महाजन, बलराज नावानी, मुकेश शाह, संभाजीराव सगरे, आशीष शुक्ला, भरत इंगले, रुद्रेश्वर एंडोले, विपुल कानूनगो, अजय बालापुरकर, प्रशांत पाटिल, रवि गुप्ता, किशोर कामठे, शिवकुमार पासी, हीरालाल बड़गुजर, विजय सेवाड़े, किशोर राठौड़, चिंटू राठौर, प्रदीप कसेरा, श्रीमती अंजलि पिंपलीकर, राजकुमार वाघ, भरत रावल, सुमित वारूडे, निलेश सोनी, विजय राठौड़, दर्शन पाटिल एवं कुणाल रावाये सहित नगर निगम, विद्युत विभाग, यातायात पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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