रद्दी बेचिए, ₹21 हजार प्रति टन कमाइए! नेपा की बड़ी पहल, 12 बजे तक ट्रक पहुंचा तो उसी दिन भुगतान
रद्दी बेचिए, कमाइए ₹21 हजार प्रति मीट्रिक टन; दोपहर 12 बजे तक ट्रक पहुंचा तो उसी दिन भुगतान।
नेपा की पहल से पुराने अखबार और सफेद कागज बनेंगे कमाई का जरिया, एक खेप में न्यूनतम 8 मीट्रिक टन सामग्री की होगी खरीदी, अधिकतम की कोई सीमा नहीं।
घरों, दुकानों, स्कूलों और संस्थानों में बेकार पड़े पुराने अखबार और सफेद रद्दी कागज अब कमाई का जरिया बन सकते हैं। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के उपक्रम नेपा लिमिटेड ने रद्दी कागज की खरीदी की व्यवस्था शुरू की है। इससे स्थानीय युवाओं, कबाड़ संग्रहकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को आय का अवसर मिल सकेगा।
नेपा लिमिटेड द्वारा 11 से 29 सितंबर 2026 तक पहले पखवाड़े के लिए ₹21 हजार प्रति मीट्रिक टन की दर निर्धारित की गई है। यानी इस अवधि में पुराने समाचार पत्र और सफेद रद्दी कागज उपलब्ध कराने पर निर्धारित दर से भुगतान किया जाएगा। यह खरीदी व्यवस्था आगे भी सतत् जारी रहेगी, जबकि दर प्रत्येक पखवाड़े के लिए निर्धारित की जाएगी।
*एक खेप में न्यूनतम 8 मीट्रिक टन सामग्री जरूरी*
एक बार में न्यूनतम 8 मीट्रिक टन सामग्री उपलब्ध कराना जरूरी होगा। अधिकतम मात्रा की कोई सीमा नहीं है। पुराने समाचार पत्र के साथ नोटबुक, उत्तर पुस्तिकाएं, किताबें और अन्य सफेद कागज भी खरीदी में शामिल होंगे।
*दोपहर 12 बजे तक ट्रक पहुंचा तो उसी दिन भुगतान*
इस खरीदी की खास बात भुगतान व्यवस्था है। यदि सामग्री लेकर ट्रक दोपहर 12 बजे तक नेपा परिसर में पहुंच जाता है, तो जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसी दिन भुगतान की सुविधा रहेगी। भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जाएगा।
जनसंपर्क अधिकारी संदीप ठाकरे ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बेकार कागज को दोबारा उपयोग में लाने के साथ स्थानीय स्तर पर आय, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है। इससे घरों, दुकानों और संस्थानों में जमा रद्दी कागज के उपयोगी मूल्य में बदलने के साथ कागज के पुनर्चक्रण को भी बढ़ावा मिलेगा।
रद्दी कागज की खरीदी, आवश्यक दस्तावेज और अन्य जानकारी नेपा लिमिटेड की वेबसाइट www.nepamills.nic.in पर उपलब्ध है।
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