घाघरला के मां पोहरा देवी वूमेन एंड चिल्ड्रन वेल्फेयर सोसायटी के युवाओं ने लिया हरियाली का संकल्प, 500 से अधिक पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली।
घाघरला के मां पोहरा देवी वूमेन एंड चिल्ड्रन वेल्फेयर सोसायटी के युवाओं ने लिया हरियाली कीका संकल्प, 500 से अधिक पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली।
'एक पेड़ माँ के नाम' बना जनआंदोलन, घाघरला के युवाओं ने 500+ पौधों की देखभाल का लिया संकल्प।
पौधे लगाकर नहीं रुके युवा, अब 500 से अधिक पौधों की सुरक्षा और सिंचाई का भी उठाया बीड़ा
NGO और ग्रामीण युवाओं की अनूठी पहल, घाघरला बनेगा हरियाली का मॉडल गांव।
राहुल राठौड़ की रिपोर्ट
बुरहानपुर जिले के
ग्राम घाघरला में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान अब केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की जनभागीदारी का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया है। ग्राम की लगभग 2 एकड़ सरकारी भूमि पर लगाए गए 500 से अधिक पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और देखभाल की जिम्मेदारी मां पोहरा देवी वूमेन एंड चिल्ड्रन वेल्फेयर सोसायटी एवं ग्रामीण युवाओं ने सामूहिक रूप से अपने ऊपर ली है।
ग्रामीण युवा हरिओम राठौड़ ने बताया कि घाघरला के युवा वर्षों से जंगलों और पर्यावरण की रक्षा के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं। जंगल बचाने के दौरान अतिक्रमणकारियों से हुए टकराव में कई युवा तीर और गोफन के पत्थरों से घायल भी हुए, लेकिन उन्होंने जंगल संरक्षण का अभियान कभी नहीं छोड़ा। आज भी युवा शासन-प्रशासन के साथ मिलकर वनों की सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक मंजू दादू तथा प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण किया गया था। अब उसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए सभी पौधों की नियमित सुरक्षा, सिंचाई और देखभाल का सामूहिक संकल्प लिया गया है।
युवाओं ने कहा कि प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी तय की गई है, ताकि आने वाले वर्षों में घाघरला हरियाली से आच्छादित होकर पर्यावरण संरक्षण का आदर्श गांव बन सके। उनका मानना है कि यदि हर व्यक्ति अपनी मां के नाम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
पौधों की सुरक्षा का संकल्प लेने वालों में इंदल सिंह राठौड़, सुरेश राठौड़, संजय राठौड़, राहुल संतोष राठौड़, पवन जवाहर, नेमदास रविशंकर, पवन चौहान, योगेश राठौड़, ईश्वरनाथ, कन्हैया चौहान, भगीरथ, चेतन, नंदू सहित अनेक ग्रामीण युवा शामिल रहे।
ग्राम सरपंच रतन पटेल ने कहा कि मां पोहरा देवी वूमेन एंड चिल्ड्रन वेल्फेयर सोसायटी के युवाओं द्वारा शुरू किया गया यह अभियान घाघरला को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा। वहीं सहायक सचिव संजय चौहान ने कहा कि पौधे लगाना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उनकी सुरक्षा और देखभाल करना है। ग्रामीणों का यह सामूहिक प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हराभरा वातावरण तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
rashtriya news
कोई टिप्पणी नहीं