मोहना नदी पर बने बख्खारी बैराज के विशेष मरम्मत कार्यों को मिली 2.84 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति–अर्चना चिटनिस।
मोहना नदी पर बने बख्खारी बैराज के विशेष मरम्मत कार्यों को मिली 2.84 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति–अर्चना चिटनिस।
बुरहानपुर। बुरहानपुर जिले की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) के सतत प्रयासों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा मोहना नदी पर बने बख्खारी बैराज के विशेष मरम्मत एवं पुनर्स्थापन कार्यों के लिए 2 करोड़ 84 लाख 34 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। शासन द्वारा स्वीकृति आदेश जारी होने के साथ ही लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण कार्य के शीघ्र प्रारंभ होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि वर्ष 2023 में हुई अतिवृष्टि के दौरान मोहना नदी पर बने कई बैराजों को भारी क्षति पहुँची थी। बैराजों के क्षतिग्रस्त होने से उनकी जल संग्रहण क्षमता प्रभावित हुई, जिसके कारण सिंचाई व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा और किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो सका। इससे जिले के अनेक किसानों को कृषि कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। किसानों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए उन्होंने लगातार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट एवं विभागीय अधिकारियों के समक्ष विषय उठाकर क्षतिग्रस्त बैराजों की मरम्मत के लिए आवश्यक वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। उनके सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप अब बख्खारी बैराज के विशेष मरम्मत कार्यों के लिए 2 करोड़ 84 लाख 34 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो गई है।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि इस स्वीकृति से मरम्मत कार्य शीघ्र प्रारंभ होंगे, जिससे बैराज की जल संग्रहण क्षमता पुनः बढ़ेगी और फसलों के लिए किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। बैराज के सुदृढ़ होने से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र में जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि ज्ञात हो कि इसके पूर्व भी वर्ष 2023 की अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त बैराजों के मरम्मत कार्यों के लिए 2 करोड़ 92 लाख 21 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इस राशि से मोहना नदी पर निर्मित बोदरली बैराज, रायसेना बैराज, खोखरी बैराज क्रमांक-02 एवं रेहटा-नीमगांव बैराज की विंग वॉल एवं रिटर्निंग वॉल के अतिरिक्त निर्माण तथा विशेष मरम्मत कार्य स्वीकृत किए गए थे। इन सभी कार्यों का मरम्मत एवं सुधार कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है, जिससे संबंधित क्षेत्रों की सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिली है।
श्रीमती चिटनिस ने बताया कि 22 से 24 अगस्त 2023 के दौरान बुरहानपुर जिले में हुई रिकॉर्ड अतिवृष्टि से रायसेना, कोदरी, सेलगांव, तारापाटी, सुखपुरी, कालूशा बाबा एवं नायर बैराज सहित कई संरचनाओं को नुकसान पहुँचा था। इन बैराजों के क्षतिग्रस्त होने से वर्ष 2023 में वे अपनी पूर्ण क्षमता से जलभराव नहीं कर सके, जिसके कारण क्षेत्र के किसानों को अपेक्षित सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित इन बैराजों की समय पर मरम्मत अत्यंत आवश्यक थी। अब चरणबद्ध रूप से मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद बैराज पुनः पूर्ण क्षमता से जल संग्रहण कर सकेंगे और किसानों को पूर्व की भांति सिंचाई का समुचित लाभ मिलेगा। उन्होंने आगे बताया कि मोहना नदी पर निर्मित तारापाटी बैराज एवं सेलगांव बैराज के मरम्मत कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है तथा अतिशीघ्र इन कार्यों को भी मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। इससे जिले की सिंचाई व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा किसानों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।
इस महत्वपूर्ण स्वीकृति पर श्रीमती अर्चना चिटनिस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री के सकारात्मक सहयोग तथा संवेदनशील निर्णय के कारण बुरहानपुर जिले के किसानों की लंबे समय से लंबित मांग पूरी हो सकी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में जिले की अन्य सिंचाई परियोजनाओं एवं बैराजों के मरम्मत कार्यों को भी स्वीकृति मिलेगी, जिससे बुरहानपुर की कृषि एवं सिंचाई व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्राप्त होगी।
उक्त स्वीकृति पर क्षेत्र के किसानों ने विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस के सतत प्रयासों की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
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