शिक्षक पात्रता परीक्षा के खिलाफ शिक्षकों का बड़ा आंदोलन, प्रधानमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन 20 साल से सेवा दे रहे शिक्षकों पर परीक्षा का बोझ क्यों? नियम संशोधन की मांग तेज।
शिक्षक पात्रता परीक्षा के खिलाफ शिक्षकों का बड़ा आंदोलन, प्रधानमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन
20 साल से सेवा दे रहे शिक्षकों पर परीक्षा का बोझ क्यों? नियम संशोधन की मांग तेज।
बुरहानपुर मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस एवं संयुक्त मोर्चा बुरहानपुर ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के प्रावधान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) में वर्ष 2017 में किए गए संशोधन को वापस लेने की मांग करते हुए 16 जून को जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।
मध्य प्रदेश कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित एवं शिक्षक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र चौकसे ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त लाखों शिक्षक पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से अपनी सेवाएं उत्कृष्ट रूप से दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें पात्रता परीक्षा देने के लिए बाध्य किया जाना अन्यायपूर्ण है। संगठन का कहना है कि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था संभाल रहे शिक्षकों के अनुभव और सेवाओं की अनदेखी कर परीक्षा का दबाव बनाना उचित नहीं है।
शिक्षक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र चौकसे ने बताया कि संगठन के प्रांत अध्यक्ष नवनीत चतुर्वेदी के नेतृत्व में प्रदेशभर के लाखों शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद अब केंद्र सरकार ही इस विषय में संवेदनशील निर्णय लेकर शिक्षकों को राहत प्रदान कर सकती है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री से 2017 के संशोधन को पुनर्विचार कर निरस्त करने की मांग की जा रही है।
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को पात्रता परीक्षा से मुक्त किया जाना चाहिए तथा उनके अनुभव और योगदान का सम्मान होना चाहिए। संगठन ने इसे शिक्षकों के सम्मान और भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं से ज्ञापन कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
इस अवसर पर अनिल बाविस्कर, विजय राठौड़, राजेश साल्वे, सैयद शहजाद अली, रफीक अहमद, बबीता सोमवंशी, रेखा चौधरी, संजय राऊत, अमर पाटील, राजू सोग्गडे, अरुण पवार, देवकांत पाटिल, दीपक डॉल एवं राजेश चौधरी सहित अनेक शिक्षक नेताओं ने शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रावधान को वापस लेने और शिक्षकों के साथ न्याय करने की मांग दोहराई।
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