ग्रामीण अंचल में शराब माफिया का नेटवर्क! नियमों को ताक पर रख ठेकेदार चला रहा अवैध सप्लाई का खेल।
ग्रामीण अंचल में शराब माफिया का नेटवर्क! नियमों को ताक पर रख ठेकेदार चला रहा अवैध सप्लाई का खेल।
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नेपानगर। बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र अंतर्गत नावरा में संचालित शासकीय शराब दुकान एक बार फिर विवादों में घिर गई है। आरोप है कि 1 अप्रैल से नया ठेका मिलने के बाद भी ठेकेदार द्वारा शराब दुकान पर शासन के प्राथमिक नियमों का पालन नहीं किया जा रहा।
वहीं ग्रामीण अंचल में दोपहिया वाहनों के जरिए अवैध शराब सप्लाई का नेटवर्क तेजी से फैलाया जा रहा है। इस पूरे मामले ने आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार दुकान पर अब तक न तो निर्धारित सूचना बोर्ड लगाया गया है और न ही शराब की रेट लिस्ट चस्पा की गई है। ऐसे में ग्रामीणों को शराब के शासकीय दामों की जानकारी नहीं मिल पा रही है। आरोप है कि ठेकेदार मनमाने दामों पर शराब बेच रहा है और ग्रामीणों से अधिक कीमत वसूली जा रही है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नावरा चौकी से मात्र 500 मीटर दूरी पर स्थित इस शासकीय शराब दुकान से आसपास के गांवों में अवैध शराब का परिवहन खुलेआम किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार के कर्मचारी मोटरसाइकिलों से शराब पहुंचाकर गांव-गांव एजेंट तैयार कर चुके हैं। नावरा, गोराडिया, डाभियाखेड़ा, हैदरपुर, मझगांव, दुधियाखेड़ा, केरपानी और नयाखेड़ा सहित करीब 20 से 25 गांवों में अवैध शराब सप्लाई का नेटवर्क सक्रिय बताया जा रहा है।
घाघरला और डालमऊ के ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे अपने गांव को शराब मुक्त बनाना चाहते हैं, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते गांवों में लगातार अवैध शराब पहुंचाई जा रही है।।
मामले में आबकारी उपनिरीक्षक शेरसिंह मोरे ने कहा कि सभी शराब दुकानों पर सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य है और यदि नियमों का पालन नहीं हुआ है तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं नावरा चौकी प्रभारी हेमेंद्र सिंह ने कहा कि दोपहिया वाहनों से शराब परिवहन की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं थी, मामले की जांच कराई जाएगी।
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