नैनपुर को पुन: विधानसभा बनाने का शंखनाद
नैनपुर को पुन: विधानसभा बनाने का शंखनाद
नैनपुर को पुन: विधानसभा बनाने का शंखनाद
- अस्तित्व की रक्षा के लिए अब होगा जन आंदोलन
- परिसीमन की आहट के बीच नैनपुर में जुटी सर्वदलीय शक्ति
- विधानसभा बहाली के लिए लामबंद हुए सभी समाज और दल
नैनपुर. नैनपुर विधानसभा के अस्तित्व को मिटाए जाने का मलाल अब एक बड़े जन आंदोलन की शक्ल ले रहा है। आगामी परिसीमन में नैनपुर को पुन: विधानसभा क्षेत्र घोषित कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, अधिवक्ता, व्यापारी और मीडिया जगत के लोग लामबंद हो गए हैं। नगर पालिका परिसर में आयोजित नैनपुर सर्वांगीण विकास परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव लिया गया कि अब चुप बैठने का समय निकल चुका है, अब हक की लड़ाई सड़क पर लड़ी जाएगी।
परिषद के अध्यक्ष विमलेश सोनी ने नैनपुर विधानसभा की रूपरेखा रखते हुए बताया कि 2011 में ही नैनपुर तहसील की जनसंख्या 1.57 लाख थी, जो अब बढ़कर 2 लाख के पार पहुँच चुकी है। मप्र में इससे कम जनसंख्या वाली भी विधानसभाएं हैं। ब्रॉडगेज जंक्शन होने के नाते नैनपुर की कनेक्टिविटी पूरे देश से है, ऐसे में विधानसभा बहाली विकास का पहिया घुमाने के लिए अनिवार्य है।
पूर्व विधायकों और नेताओं ने भरी हुंकार
पूर्व विधायक डॉ. शिवराज सिंह ने कहा कि मोचा, नारा, दिवारा जैसे ग्राम जो पुरानी विधानसभा का हिस्सा थे, वे आज भी नैनपुर के साथ जुडऩा चाहते हैं। इसके लिए ग्राम और जनपद स्तर पर प्रस्ताव पारित किए जाने चाहिए। पूर्व विधायक संजीव उईके ने नैनपुर के गौरव की बात करते हुए कहा कि जंक्शन की महत्ता के आधार पर विधानसभा का पुनर्जीवित होना जरूरी है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी कमलेश सिंह ने कहा कि पार्टी इस हक की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी है।
साजिश के तहत अस्तित्व मिटाने का आरोप
पार्षद मोहित कांत झरिया ने इसे एक राजनीतिक साजिश बताया। वहीं बीएसपी के इंदर सिंह ने कहा कि विधानसभा न होने से आदिवासी क्षेत्र का विकास रुक गया है। वरिष्ठ समाजसेवी अखिलेश शुक्ला ने स्पष्ट किया कि नैनपुर अब अपना विघटन बर्दाश्त नहीं करेगा।
समाज के हर वर्ग का मिला समर्थन
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रदीप मिश्रा ने किसी भी कानूनी लड़ाई के लिए वकीलों के पूर्ण सहयोग का वादा किया। व्यापारी व सिंधी समाज के अध्यक्ष चंद्र कुमार नागपाल ने कहा कि आने वाली पीढ़ी के रोजगार और नैनपुर के विकास के लिए व्यापारी संगठन तन-मन-धन से साथ हैं। पत्रकार संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र तिवारी ने कहा कि अब कदम आगे बढ़ चुके हैं, पीछे हटना संभव नहीं है।
आंदोलन करने का लिया निर्णय
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नैनपुर विधानसभा को पुनर्जीवित करने के लिए जन-जन तक पहुंचा जाएगा। यदि सरकार इस न्यायोचित मांग को अनसुना करती है, तो पूरा क्षेत्र जन आंदोलन की राह पकड़ेगा। बैठक में सरजू तिवारी, धर्मेश तिवारी, डॉ. सुरेंद्र बरकड़े, नितिन ठाकुर सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
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