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डकैती के 14 में से 8 आरोपी गिरफ्तार, बिहार से जुड़े तार

 


डकैती के 14 में से 8 आरोपी गिरफ्तार, बिहार से जुड़े तार 

  • चाचा के बेटे ने दी थी लूट की टिप
  • आयुषी ज्वेलर्स कांड में स्थानीय साजिशकर्ता समेत 8 दबोचे गए

मंडला . मंडला पुलिस ने विगत माह 20 नवंबर की शाम कोतवाली थाना क्षेत्र के कटरा स्थित आयुषी ज्वेलर्स में हुई अंधी डकैती और हत्या के प्रयास की गंभीर वारदात का सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस ने अंर्तराज्यीय अभियान चलाकर इस मामले में शामिल कुल 14 आरोपियों में से 08 मुख्य आरोपियों को मुजफ्फरपुर बिहार, इंदौर, रायसेन, बड़वानी और मंडला से गिरफ्तार किया है।

जानकारी अनुसार 20 नवंबर की शाम अज्ञात हथियारबंद आरोपियों ने आयुषी ज्वेलर्स में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। दुकान संचालक आयुष सोनी द्वारा प्रतिरोध करने पर आरोपियों ने उन पर गोली चला दी, जिससे उनके पैर, जांघ और पीठ में गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल मंडला में भर्ती कराया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मंडला के निर्देशन में तुरंत नाकाबंदी की गई और पुलिस की 08 अलग-अलग टीमें गठित कर जांच शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्यों के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, जिसके आधार पर संदिग्ध वाहनों की पहचान कर आरोपियों की सटीक जानकारी जुटाई गई।

पकड़े गए लूट के आरोपी 

पुलिस टीमों ने बिहार और मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में दबिश दी और आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिसमें बिहार से गिरफ्तार आपराधिक रिकॉर्ड वाले खालिद अंसारी, शशिकुमार, और कृष्णकुमार उर्फ रामकृष्ण कुमार को गिरफ्तार किया। वहीं अन्य स्थानों से मो. अजहर, राजेश ठाकुर, लवकुश गौर, रोहित भारतिया और अनिल सोनी को गिरफ्तार किया है।

आंतरिक साजिश का पर्दाफाश 

पुलिस की गहन जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि यह डकैती आंतरिक साजिश का परिणाम थी। गिरफ्तार आरोपी अनिल सोनी पीडि़त आयुष सोनी के चाचा का लड़का और उसके दोस्त रोहित भारतिया ने ही आयुष की दुकान के माल और गतिविधियों के संबंध में जानकारी मुख्य साजिशकर्ताओं को दी थी।

वारदात को अंजाम देने का प्रयास 

जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपियों ने वारदात को दो बार अंजाम देने की कोशिश की थी। पहली कोशिश 13 नवंबर को असफल रही। इसके बाद 20 नवंबर को आरोपी ग्रैंड विटारा और अर्टिगा दो वाहनों में मंडला पहुंचे। दुकान बंद होने के समय आशु, धमेंद्र ठाकुर, सन्नी और कृष्णा ने घटना को अंजाम दिया और आयुष सोनी को गोली मारकर फरार हो गए। आरोपी पुलिस चेकिंग से बचने के लिए जबलपुर रवाना हुए और बीजाडांडी जंगल में अपने हथियार और लूटा हुआ माल छिपाकर अलग-अलग साधनों से भाग गए थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ग्रैंड विटारा कार, अर्टिगा कार, मोबाइल और लूटा गया माल बरामद कर लिया है।

पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका 

पुलिस अधीक्षक मंडला ने इस अंधी डकैती का खुलासा करने वाली टीम की सराहना की, जिसमें अति. पुलिस अधीक्षक मंडला शिवकुमार वर्मा के निर्देशन में गठित टीम जिसमें एसडीओपी मंडला पियूष मिश्रा, निरीक्षक शफीक खान, जयसिंह यादव, केजी जगाती, राजेन्द्र बिसेन, उप निरीक्षक पुनीत बाजपेयी, उप निरीक्षक संजीव उइके, पंकज विश्वकर्मा, शशांक शुक्ला, प्रवीण शर्मा, संजीव शर्मा, विकाश तोमर, एसएन उपध्याय, सउनि. भुवनेश्वर वामनकर, नीरज मिश्रा, घनश्याम पुषाम प्रधान आरक्षक अभिषेक मिश्रा, नीरज मिश्रा, नंदलाल उइके, आरक्षक रमेश सिंगरोरे, सुनील सिंह, सुदर भलावी, मानसिंह परस्ते, मृदूल पटेल, प्रियांश पाठक, अमित गरियार, शिवा नाविक, धीरेन्द्र रूगडिय़ा आनंद कोरी, कीर्ति नगपुरे, प्रमोद शर्मा, अंकित ठाकुर, सायबर सेल से आरक्षक सुरेश भटेरे, सुर्यचंद बघेले की भूमिका रही।



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