महाकाल मंदिर परिसर में फिर खुदाई 10 फीट तक कोई पुरावशेष नहीं मिला
महाकाल मंदिर परिसर में निर्माण कार्य के लिए फिर से खुदाई शुरू हो गई है। ठेकेदार ने सड़क से लगी जमीन पर खुदाई की। यहां से केवल भराव का मलबा ही निकला। कोई भी पुरावशेष नहीं मिला। विक्रम विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने खुदाई का अवलोकन भी किया। आगे की खुदाई विशेषज्ञों की निगरानी में होगी।
यूडीए द्वारा महाकाल मंदिर परिसर में बनाए जा रहे शिखर दर्शन चौक के लिए आगे का हिस्सा 25 फीट गहरा किया जाना है। इस ऊंचाई वाले हिस्से को मंदिर के ओंकारेश्वर के धरातल के बराबर नीचा किया जाएगा। शिखर दर्शन चौक ऊपरी हिस्से में होगा। इसके नीचे न्यू वेटिंग हॉल, दफ्तर, सुविधाघर, सुरक्षा एजेंसी कक्ष आदि भी बनाए जाएंगे। खुदाई के दौरान 25 फीट की गहराई में एक हजार साल पुराने मंदिर के अवशेष मिले थे। इसके बाद वहां खुदाई रोक दी गई थी।
इन पुरावशेषों का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के दल ने भी निरीक्षण किया था। उन्होंने भी अवशेषों को एक हजार साल पुराना बताया था। कलेक्टर ने खुदाई के दौरान पुरातत्व सामग्री की पहचान और संरक्षण के लिए विशेषज्ञों की कमेटी बना दी है। अब कमेटी की निगरानी में ही खुदाई होगी। कमेटी के सदस्य डॉ. रमण सोलंकी के अनुसार इस खुदाई के दौरान अब तक मंदिर के अवशेषों के अलावा कोई पुरा सामग्री नहीं मिली है।
मौके पर पुरातत्व के विद्यार्थी और शोधार्थी भी निगरानी कर रहे हैं। रविवार और सोमवार को हुई खुदाई के दौरान केवल मलबा ही निकला है। खुदाई में पुरातत्व सामग्री को सुरक्षित निकालने के लिए फिलहाल यह रणनीति बनाई है कि 10 फीट तक मशीन से खुदाई की जाएगी। यदि इस दौरान कोई पुरातत्व सामग्री मिलती है तो फिर श्रमिकों के माध्यम से खुदाई करेंगे। यूडीए के सहायक यंत्री प्रमोद जोशी के अनुसार खुदाई का काम शुरू हो गया है। पुरातत्व विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में ही खुदाई की जाएगी।
पूर्व से पश्चिम की तरफ खुदाई से निकलेगा मंदिर
खुदाई में मिले मंदिर के अवशेषों के आसपास अभी खुदाई नहीं की जा रही है। डॉ. सोलंकी के अनुसार अब परिसर में पूर्व से पश्चिम की ओर खुदाई कराई जाएगी। यह संभावना है कि जो मंदिर खुदाई में मिला है, उसका आगे का भाग पूर्व दिशा की ओर हो सकता है। इसलिए धीरे-धीरे पूर्व दिशा की ओर से खुदाई कराई जाएगी। सोमवार को पूर्व से ही खुदाई कराई गई। यहां अभी 10 फीट तक खुदाई कराई है। इसके नीचे की खुदाई सावधानी के साथ कराई जाएगी। कुल 25 फीट गहराई तक खुदाई होगी। एक हजार साल पुराना मंदिर इतनी ही गहराई पर मिला है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/news/no-excavation-was-found-till-10-feet-excavated-again-in-mahakal-temple-complex-128063317.html
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